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बदायूं के लोगों के दिलों पर छाप छोड़ गए थे पंकज उधास, 2016 में आए थे शहर, कही थी ये गजल

बदायूं। मशहूर गजल गायक पंकज उधास नवंबर 2016 में बदायूं आए थे। जिला पंचायत कार्यालय के पास स्थित यूनियन क्लब मैदान में आयोजित काव्य संध्या में उन्होंने चिट्ठी आई है आई है चिट्ठी आई है गजल सुनाई तो लोग झूम उठे। लोगों के दिलों में वह यादें अब भी ताजा हैं। रविवार को जब पंकज उधास के निधन की खबर पता लगी तो यहां भी शोक की लहर दौड़ गई।

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सहसवान के संगीत घराने को कई पुरस्कार भी मिल चुके हैं

बदायूं का संगीत, साहित्य, गीता, कविता से बढ़ा नाता है। गीतकार शकील बदायूंनी, डॉ. उर्मिलेश शंखधार, डॉ. ब्रजेंद्र अवस्थी जैसी हस्तियों ने बदायूं को पहचान दी है। सहसवान के संगीत घराने को कई पद्मश्री, पद्म भूषण पुरस्कार भी मिल चुके हैं।

संपर्क करने पर पंकज उधास ने तुरंत भर दी थी हामी

स्मृति वंदन संस्था के पांचवें महोत्सव का आयोजन चार नवंबर 2016 को किया गया था। आयोजकों ने महोत्सव में आने के लिए पंकज उधास से संपर्क किया तो उन्होंने तुरंत हामी भर दी थी। पंकज उधास के कारण समारोह में जिलेभर से काफी भीड़ उमड़ी।

निधन की खबर पता लगते ही दौड़ गई शोक की लहर

रविवार को जब पंकज उधास के निधन की खबर पता लगी तो यहां भी शोक की लहर दौड़ गई। बदायूं क्लब के सचिव डॉ. अक्षत अशेष, स्मृति वंदन के सचिव भानु प्रकाश यादव, साहित्यकार अशोक खुराना, डॉ. मेघा अग्रवाल आदि ने उनके निधन पर दुख जताया है।

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