
बरेली। रेलवे ने लंबी दूरी की ट्रेनों के संचालन में बड़ा बदलाव करते हुए क्रू सिस्टम को तोड़ दिया है। अब एक ही स्टाफ पूरी दूरी नहीं दौड़ेगा, बल्कि आधे रास्ते में ही बदल जाएगा। नई व्यवस्था शुक्रवार से लागू करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं, जिससे ट्रेनों की रफ्तार और सुरक्षा दोनों पर सीधा असर पड़ेगा।
अब तक कई ट्रेनों में एक ही क्रू 300 से 400 किलोमीटर तक लगातार ड्यूटी कर रहा था, जिससे थकान चरम पर पहुंच जाती थी। रेलवे ने इसी थकान पर ब्रेक लगाने के लिए नया फॉर्मूला लागू किया है, अब क्रू आधी दूरी तय कर वापस लौटेगा और आगे का सफर दूसरा क्रू संभालेगा। इसके अलावा वाराणसी से जम्मूतवी तक चलने वाली बेगमपुरा एक्सप्रेस में अब तक मुरादाबाद से लुधियाना तक एक ही क्रू ट्रेन संभाल रहा था। अब इसे दो हिस्सों में बांट दिया गया है, मुरादाबाद से अंबाला और अंबाला से लुधियाना तक अलग-अलग क्रू तैनात रहेगा।
हेमकुंट एक्सप्रेस में पहले लुधियाना से हरिद्वार तक एक ही स्टाफ जिम्मेदारी संभालता था। अब यह सफर भी टूटेगा लुधियाना से सहारनपुर और सहारनपुर से हरिद्वार/ऋषिकेश तक अलग-अलग क्रू दौड़ेगा। वहीं पंजाब मेल में अब तक फिरोजपुर से नई दिल्ली तक एक ही क्रू चलता था। नई व्यवस्था में बठिंडा को बीच का बड़ा केंद्र बना दिया गया है अब फिरोजपुर से बठिंडा और बठिंडा से दिल्ली तक अलग-अलग क्रू जिम्मेदारी संभालेगा।
रेलवे अब उन स्टेशनों पर भी नजर गड़ा चुका है जहां ट्रेनें तो रुकती हैं, लेकिन यात्री गिनती के होते हैं। ऐसे स्टेशनों से ठहराव हटाया जा सकता है, जबकि ज्यादा भीड़ वाले स्टेशनों को प्राथमिकता मिलेगी। रेलवे का दावा है कि इस नए सिस्टम से ट्रेनों का समय घटेगा और लंबी दूरी की ट्रेनों में 1 से 1.5 घंटे तक की बचत होगी। यानी यात्रियों को तेज, सुरक्षित और ज्यादा भरोसेमंद सफर मिलेगा।
Published on:
27 Mar 2026 08:41 pm
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