उन्होंने कहा कि प्रदेश के संसदीय कार्यमंत्री आज़म खान की भाषा असंसदीय है। 60 पंक्तियों में से 20 पंक्ति विधानसभा अध्यक्ष ने स्वयं हटाई। विधानसभा अध्यक्ष और मुख्यमंत्री को इस बावत पत्र भी लिखा है।उन्होंने कहा कि विधेयक क्यूं रोके गए हैं, इसके बारे में विधानसभा अध्यक्ष को बताया जा चुका है।