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रुहेलखंड विश्वविद्यालय को यूजीसी से मिला ग्रेड ‘ए’, विदेश यात्रा करेंगे शिक्षक, डिस्टेंस एजुकेशन समेत छात्रों को होगा या फायदा

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय को ग्रेड 'ए' का दर्जा दिया है। इससे विश्वविद्यालय को बड़े स्तर पर ग्रांट प्राप्त हो सकेगी जो स्टूडेंट्स को बांटकर ऑनलाइन कोर्स भी संचालित किया जा सकेगा।

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बरेली। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय को ग्रेड 'ए' का दर्जा दिया है। इससे विश्वविद्यालय को बड़े स्तर पर ग्रांट प्राप्त हो सकेगी जो स्टूडेंट्स को बांटकर ऑनलाइन कोर्स भी संचालित किया जा सकेगा। इससे पहले विश्वविद्यालय बी श्रेणी में था। विश्वविद्यालय की इस सफलता व उपलब्धि पर स्टाफ और विद्यार्थियों में खुशी की लहर है।

579वीं बैठक में संवीक्षा पर विचार के बाद लिया फैसला
रुहेलेखंड विवविवद्यालय के मीडिया प्रभारी प्रो. अमित कुमार सिंह ने बताया कि यूजीसी की ओर से ग्रेडेड स्वायत्तता प्रदान करने के लिए विश्वविद्यालयों का श्रेणीकरण विनियम किया गया। यूजीसी सुसंगत वातावरण सृजित करने के लिए लगातार प्रयासरत है। इनके अंतर्गत विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने 16 अप्रैल को आयोजित 579वीं बैठक में महात्मा ज्योतिबा फुले रोहिलखंड विश्वविद्यालय बरेली, उत्तर प्रदेश से प्राप्त प्रस्ताव की संवीक्षा और अग्रगमन पर विचार किया। इसके बाद महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय को श्रेणी ए श्रेणी विश्वविद्यालय के स्तर की स्वायत्ता प्रदान करने का निर्णय लिया।

अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ेगी डिग्री की मान्यता
नैक का ए डबल प्लस ग्रेड पाने के बाद विश्वविद्यालय के लिए ग्रेड ए का दर्जा पाना एक और बड़ी उपलब्धि है। अब तक विश्वविद्यालय अपने ऑनलाइन कोर्स संचालित नहीं कर सकता था, अब श्रेणी वन में आने के बाद ऑनलाइन कोर्स का संचालन भी शुरू होगा। साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी विश्वविद्यालय की डिग्री की मान्यता बढ़ेगी। छात्रों और शिक्षकों को देश-विदेश में पहले के मुकाबले और अधिक बेहतर अवसर प्राप्त हो सकेंगे।