
बरेली। आठ बार के सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार का इतिहास रचने से पुराना नाता रहा है। एक ही सीट से आठ बार सांसद बनने का रिकार्ड उनके नाम पर है। अब तक वह बरेली संसदीय सीट पर सबसे ज्यादा मतों से जीतने वाले सांसद हैं। इसके बाद उन्होंने राज्यपाल बनकर बरेली नहीं पूरे रुहेलखंड का गौरव बढ़ाकर इतिहास रचा है। वह दूसरे ऐसे राजनीतिक व्यक्ति हैं। जिन्हें महामहिम बनाया गया है।
झारखंड का राज्यपाल बनने के बाद संतोष गंगवार ने कहा कि आज उनका बीजेपी की राजनीति से अंत हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन पर विश्वास जताया है। अब सभी को साथ लेकर आगे बढ़ना उनकी प्राथमिकता रहेगी। बरेली में सांसद रहते उनसे कोई नाराज नहीं है। आगे भी किसी की नाराजगी नहीं होगी। मुझे बरेली की जनता का आशीर्वाद और शुभकामनाएं दे।
आदिवासियों के हितों में करायेंगे काम
संतोष गंगवार को झारखंड का राज्यपाल नियुक्त होने के बाद आने वाले विधानसभा चुनाव से जोड़कर भी देखा जा रहा है। इस साल के आखिरी में झारखंड में विधानसभा का चुनाव होना है। संतोष गंगवार बीजेपी के कद्दावर नेता हैं। गंगवार आठ बार सांसद रहे और कुर्मी बिरादरी से हैं। झारखंड में पिछड़े वर्ग के लोगों की आबादी अच्छी खासी है। भाजपा झारखंड के मतदाताओं अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC)और मुख्य तौर पर कुर्मी समुदाय को साधने का काम कर सकती है। संतोष गंगवार ने बताया कि केंद्रीय मंत्री रहते हुये उन्होंने झारखंड में रात में महिलाओं का काम करने का अवसर दिया था। वहां की जनता ने उसे काफी सराहा। आदिवासियों के हितों को लेकर आगे भी काम करते रहेंगे।
राज्यपाल नियुक्त होने के बाद गंगवार ने दी पहली प्रतिक्रिया
झारखंड का राज्यपाल नियुक्त होने के बाद संतोष गंगवार ने अपनी पहली प्रतिक्रिया दी। इस दौरान उन्होंने अपने विचार साझा करते हुए कहा कि पार्टी ने हमेशा बिना मांगे मुझे सब कुछ दिया है। अब राज्यपाल बनाकर मेरे प्रति विश्वास व्यक्त किया है। इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभारी हूं। गंगवार ने प्रधानमंत्री मोदी और बरेली की जनता का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने उन पर लगातार विश्वास बनाए रखा।
संतोष गंगवार ने अपनी नई जिम्मेदारी को स्वीकार करते हुए कहा कि वे इस पर खरा उतरेंगे और राज्यपाल के पद पर अपनी सेवाएं ईमानदारी और निष्ठा के साथ देंगे। उनका अनुभव और लंबे राजनीतिक सफर निश्चित रूप से झारखंड को नई दिशा देने में सहायक होगा। उनके समर्थकों और बरेली की जनता ने उनकी इस नई जिम्मेदारी पर प्रसन्नता जताई है और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।
गंगवार का राजनीतिक सफर
1948 में जन्मे संतोष गंगवार ने उन्होंने बरेली कॉलेज से बीएससी और एलएलबी की पढ़ाई की। गंगवार का राजनीतिक की शुरुआत 1984 से हुई, जब वे जनता पार्टी की बरेली जिला कमेटी में महामंत्री बने। उन्होंने अपने पहले चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार आबिदा बेगम से हार का सामना किया, लेकिन 1989 में वे फिर से लोकसभा चुनाव लड़े और जीत हासिल की। 1991, 1996, 1998, 1999, 2004 में संतोष गंगवार ने लगातार चुनाव जीते। 2009 में कांग्रेस के प्रवीण सिंह ऐरन ने उन्हें हराया, लेकिन गंगवार ने 2014 और 2019 में फिर से जीत हासिल की।
बरेली वालों को दिया रांची आने का न्योता
सह्दय और सरल व्यक्तित्व के राजनेता संतोष गंगवार संवैधानिक पद पर पहुंचे। उन्होंने प्रेस कांफ्रेंस नहीं की, लेकिन सभी पत्रकारों से मिले। उनसे बातचीत की। कहा कि मीडिया समेत सभी बरेली वाले रांची आयें। उनका स्वागत है। संतोष गंगवार ने बताया कि वह बरेली के पहले राज्यपाल हैं। वह बरेली वालों के हमेशा आभारी रहेंगे। बरेली की जनता ने उनका हमेशा साथ दिया। इस दौरान सर्किट हाउस में जिला पंचायत अध्यक्ष रश्मि पटेल, मेयर डा. उमेश गौतम, भाजपा जिलाध्यक्ष आदेश प्रताप सिंह, महानगर अध्यक्ष अधीर सक्सेना, जिलाध्यक्ष पवन शर्मा, आईवीआरआई डायरेक्टर डा. त्रिवेणी दत्त, रमेश जैन समेत कई भाजपा नेता थे।
Updated on:
29 Jul 2024 07:50 pm
Published on:
29 Jul 2024 07:37 pm
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