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लाखों का घोटाला : चूना के स्थान पर नगर निगम ने डाल दिया खड़िया, अफसरों की नहीं निगम में चलती है “बाबूगिरी”

नगर निगम में भ्रष्टाचार की एक और परत खुली है। चूना खरीद घोटाले में नगर निगम के अधिकारियों और शिवांग इंटरप्राइजेज एजेंसी की मिलीभगत उजागर हुई है। चूना के नाम पर खड़िया की सप्लाई की गई, लेकिन दोषियों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

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नगर निगम का स्टोर बाबू

बरेली। नगर निगम में भ्रष्टाचार की एक और परत खुली है। चूना खरीद घोटाले में नगर निगम के अधिकारियों और शिवांग इंटरप्राइजेज एजेंसी की मिलीभगत उजागर हुई है। चूना के नाम पर खड़िया की सप्लाई की गई, लेकिन दोषियों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने मामले की जांच नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. भानु प्रकाश को सौंपी थी, लेकिन कार्रवाई सिर्फ नोटिस तक सीमित रह गई। भाजपा महिला पार्षद शालिनी जौहरी की शिकायत पर मामले की जांच शुरू हुई थी, जिसमें स्वास्थ्य विभाग के अफसरों, बाबुओं और एजेंसी के बीच सांठगांठ की पुष्टि हुई। निगम के स्टोर इंचार्ज और निरीक्षकों को भी बचाने का प्रयास हो रहा है।

घोटाले का पूरा खेल: चूने की जगह खड़िया खरीदी

नगर निगम ने शिवांग इंटरप्राइजेज से चूना खरीदने के नाम पर खड़िया मंगाई। 550 कुंतल में से आधा घटिया माल शहर में छिड़काव के लिए भेज दिया गया। वीवीआईपी इलाकों में भी घटिया क्वालिटी का चूना छिड़का गया, जिससे अधिकारियों को गुमराह किया गया। नगर आयुक्त के आदेशों के बावजूद बाबुओं और निरीक्षकों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है।

शिकायत के बाद भी एजेंसी को फायदा पहुंचाने की कोशिश

13 जनवरी को भाजपा पार्षद शालिनी जौहरी ने घोटाले की शिकायत की। जांच के नाम पर सिर्फ नोटिस देकर मामला दबाने की कोशिश की गई। एजेंसी से कहा गया कि वह घटिया माल वापस लेकर पुरानी दरों पर नया चूना सप्लाई करे। अब तक एजेंसी को भुगतान नहीं किया गया, लेकिन दोषियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।

स्टोर बाबू का दबदबा, नगर आयुक्त के आदेशों की अनदेखी

स्टोर इंचार्ज और एजेंसी को बचाने के लिए बाबुओं ने पूरा सिस्टम मैनेज कर लिया। स्टोर बाबू अमनदीप ने नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य के निर्देशों को दरकिनार कर दिया। निर्माण विभाग में अगर घटिया सामग्री इस्तेमाल होती है तो जुर्माना और ब्लैकलिस्ट की कार्रवाई होती है, लेकिन यहां एजेंसी को बचाया जा रहा है।


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