
उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया करवा रहे स्वास्थ्य केंद्र
मुख्यमंत्री के निर्देश पर सीएमओ शाहजहांपुर ने स्वास्थ्य सेवाओं में फिर बाजी मारी
शाहजहांपुर में खुदागंज अस्पताल को मिल चुका है गुणवत्ता का राष्ट्रीय अवार्ड
बरेली। स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में शाहजहांपुर ने एक बार फिर कीर्तिमान स्थापित किया है। गुणवत्ता का राष्ट्रीय अवार्ड जीतने के बाद अब शाहजहांपुर के नौ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कायाकल्प अवॉर्ड के लिए चयनित किए गए हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश पर शाहजहांपुर स्वास्थ्य विभाग लोगों को उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया करवा रहा है। कायाकल्प अवार्ड में चयनित होने के बाद सीएमओ शाहजहांपुर डॉक्टर आरके गौतम ने अपनी पूरी टीम और अधीनस्थ कर्मचारियों को इसके लिए बधाई दी है। सीएमओ ने बताया कि कायाकल्प अवार्ड के लिए शाहजहांपुर के निगोही, कटरा, तिलहर, जैतीपुर, जलालाबाद, मिर्जापुर, भावलखेड़ा, ददरौल और सिधौली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को नामित किया गया है।
शिशु और मातृ मृत्यु दर में आई कमी, जच्चा-बच्चा हुए सुरक्षित
सीएमओ डा आरके गौतम ने बताया कि क्वालिटी एश्योरेंस शासन की महत्वपूर्ण योजना में से एक है | इस योजना के अंतर्गत मातृ मृत्यु दर एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने के उद्देश्य से शासन लगातार स्वास्थ्य सेवाओं को गुणवत्ता परक बनाने के लिए प्रयासरत है l इसी उद्देश्य को सफल बनाने के लिए शासन द्वारा कायाकल्प योजना की शुरुआत की गयी। जिससे चिकित्सालयों में आने वाले सभी मरीजों को गुणवता परक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जा सकें l
इस योजना के अंतर्गत मानकों को पूरा करते हुए बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने वाले चिकित्सालयों को शासन द्वारा कायाकल्प अवार्ड दिया जाता है।
जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र निगोही 89.14%, कटरा 81.29%, तिलहर 81.14%, जैतीपुर 78.71%, जलालाबाद 78.29,मिर्जापुर 72.34%, भावलखेड़ा 71.71%, ददरौल 71.71% तथा सिंधौली ने 71.29% स्कोर प्राप्त कर यह कामयाबी हासिल की है।
क्वालिटी एश्योरेंस के तीन चरणों को पाकर जीता कायाकल्प अवार्ड
सीएमओ डा. आर के गौतम ने बताया कि कायाकल्प अवार्ड योजना मैं जिले के नौ स्वास्थ्य केंद्र शामिल हुए हैं। सभी डॉक्टर, स्वास्थ्य कर्मियों की टीम प्रबंधन की वजह से अवार्ड हासिल हुआ है। यह सराहनीय है। उन्होंने कहा कि जनपद के सभी चिकित्सालयों में कार्यरत सभी स्टाफ को कड़ी मेहनत करके अगली बार जनपद के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों सहित सभी अन्य चिकित्सालयों को कायाकल्प अवार्ड लेने के लिए सकारात्मक सोच बनाकर प्रयास करने की जरूरत है | जिले के क्वालिटी परामर्शदाता डा.तौकीर नवी ने बताया कि कायाकल्प योजना में तीन चरण होते हैं l पहले चरण में टीम द्वारा चिकित्सालय की गुणवत्ता का मूल्याकंन किया जाता है। इसमें 350 चेकपॉइंट की एक चेकलिस्ट के माध्यम से मूल्यांकन किया जाता है। अगर स्कोर 70 प्रतिशत से कम होता है तो गैप एनालिसिस कर उसे पूरा करने के उपरान्त मूल्यांकन किया जाता है।,जब इंटरनल एसेसमेंट स्कोर 70 प्रतिशत से अधिक हो जाता है, तो दूसरे चरण में पीयर असेसमेंट के लिए राज्य स्तर से नामित किसी दूसरे जनपद की टीम को भेजकर मूल्यांकन करवाया जाता है। इस मूल्यांकन में स्कोर 70 प्रतिशत या उससे अधिक होने पर चिकित्सालय के तीसरे चरण के मूल्यांकन के लिए राज्य स्तरीय टीम एक्सटर्नल असेसमेंट के लिए आती है। मूल्यांकन में अगर चिकित्सालय का स्कोर 70 प्रतिशत या इससे अधिक होता है। तब चिकित्सालय कायाकल्प अवार्ड लेने के लिए पात्र हो जाता है l
इन पैरामीटर का रखना पड़ता है ध्यान तब मिलता है अवार्ड
कायाकल्प योजना के अंतर्गत आठ थीमेटिक एरियाज होते है। इसमें मुख्य चिकित्सालय की बिल्डिंग का रखरखाव , फर्नीचर का रख रखाव और साफ सफाई , चिकित्सालय के दस्तावेज का रखरखाव ,इन्फैक्शन कण्ट्रोल , बायोमेडिकल वेस्ट प्रबन्धन , हाईजीन प्रमोशन , मरीज के प्रति डॉक्टर , और अन्य स्टाफ का व्यवहार आदि शामिल रहता है l
Published on:
27 Apr 2023 06:55 pm
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