
जगबीर सिंह, सोबती इंफ्राटेक
बरेली। सीतापुर में लोक निर्माण विभाग की 288.63 करोड़ रुपये की सड़क चौड़ीकरण परियोजना में बड़ा टेंडर घोटाला सामने आया है। टेंडर प्रक्रिया में शामिल सोबती इंफ्राटेक लिमिटेड पर फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र लगाकर पात्रता हासिल करने की कोशिश का आरोप साबित हुआ है। बरेली नगर निगम की जांच में खुलासा होने के बाद पूरा मामला सीतापुर से बरेली और फिर शासन तक पहुंच गया है। फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र लगाकर करोड़ों का टेंडर हथियाने के मामले में सोबती के खिलाफ एक और एफआईआर दर्ज किए जाने की तैयारी चल रही है।
सोबती इंफ्राटेक ने सीतापुर PWD की सड़क परियोजना के लिए अपने अनुभव में बरेली की CM ग्रिड योजना (फेज-1) का कार्य दिखाया, जबकि यह काम कंपनी को कभी दिया ही नहीं गया था। शिकायत मिलने पर जब दस्तावेजों की परतें खुलीं, तो अनुभव प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए। धोखाधड़ी और जालसाजी को लेकर सोई बिल्डर पहले से ही आपराधिक मुकदमों के घेरे में है। उन पर पहले से भी कई मुकदमे दर्ज हैं सीलिंग की जमीन को अपने नौकरों के नाम कर हड़पने और मुखौटा कंपनियों के मामले में भी उन पर जांच चल रही है। इस मामले में चरण सिंह सोबती से बात करने की कोशिश की गई । कॉल रिसीव करने के बाद नाम सुनते ही उन्होंने कॉल को डिस्कनेक्ट कर दिया और कोई जवाब नहीं दिया।
दिनांक 7 जनवरी 2026 को लोक निर्माण विभाग, सीतापुर के अधिशासी अभियंता (प्रांतीय खंड) ने नगर निगम बरेली के नगर आयुक्त व अधिशासी अभियंता को पत्र लिखकर सोबती इंफ्राटेक के अनुभव दस्तावेजों की पुष्टि मांगी। पत्र में बताया गया कि शेखनपुर–सांसरी–लालपुर रोड की निविदा में कंपनी ने CM ग्रिड योजना का हवाला दिया है।
जांच के दौरान नगर निगम के अधिकारियों ने CM ग्रिड से जुड़े प्रमाणों की पड़ताल की—दस्तावेज फर्जी निकले। एक्सईएन राजीव कुमार राठी ने स्पष्ट किया कि CM ग्रिड योजना फेज-1 का कार्य सोबती को नहीं, बल्कि अनमोल एसोसिएट्स को दिया गया है। इस पुष्टि के साथ ही पूरी रिपोर्ट सीतापुर PWD को भेज दी गई।
नगर निगम के मुख्य अभियंता मनीष अवस्थी ने बताया कि सोबती इंफ्राटेक ने CM ग्रिड योजना के फेज-1 में निविदा डाली जरूर थी, लेकिन तकनीकी बिड में आवेदन निरस्त कर दिया गया था। आशंका है कि निरस्त बिड को आधार बनाकर गलत व भ्रामक दस्तावेज तैयार किए गए।
मामले की गूंज यहीं नहीं रुकी। बरेली स्मार्ट सिटी कंपनी के तहत सोबती को पूर्व में मिले करीब 50 करोड़ रुपये के ठेकों के अनुभव प्रमाण पत्रों की भी पुनः जांच शुरू हो गई है।
वर्जन
“सीतापुर PWD ने सोबती को लेकर जानकारी मांगी है। संबंधित अधिकारी से जांच आख्या तैयार कराई जा रही है। CM ग्रिड योजना के पहले चरण का ठेका सोबती को नहीं मिला।”
संजीव कुमार मौर्य, नगर आयुक्त
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Updated on:
25 Jan 2026 11:53 am
Published on:
25 Jan 2026 11:51 am

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