धर्म बदलकर बनीं मुस्लिम, बदले में मिली प्रताड़ना, तलाक और हलाला, पढ़िए इस सपा नेता की दर्दभरी दास्तां

suchita mishra

Publish: Mar, 14 2018 01:09:50 PM (IST)

Agra, Uttar Pradesh, India
धर्म बदलकर बनीं मुस्लिम, बदले में मिली प्रताड़ना, तलाक और हलाला, पढ़िए इस सपा नेता की दर्दभरी दास्तां

गोरखपुर और फूलपुर उपचुनावों के नतीजों को लेकर समाजवादी पार्टी जश्न मनाने की तैयारी कर रही है, इधर सपा नेता योगी जी से न्याय की गुहार लगा रही है।

बरेली। गोरखपुर और फूलपुर उपचुनावों को लेकर समाजवादी पार्टी बेशक जश्न मनाने की तैयारी कर रही हो, लेकिन इस मौके पर सपा नेता और पूरनपुर नगर पालिका की पूर्व चेयरमैन की दर्दभरी दास्तां ने सामने आई है।
सिख समुदाय में जन्मी पूर्व चेयरमैन रंजीत कौर ने 18 साल पहले इस्लाम धर्म कुबूल कर लिया था क्योंकि उन्हें इस्लाम बहुत पसंद था। दरगाह आला हजरत पर धर्म बदलने के बाद उनका नाम फातिमा नूरी रखा गया। कुछ समय बाद फातिमा का निकाह हफीज खान से हुआ। उनका कहना है कि हफीज ने शादी के बाद उन्हें काफी प्रताड़ित किया। उसके बाद बगैर किसी कारण तलाक दे दिया।

बात यहीं नहीं रुकी, तलाक के बाद उनका हलाला कराया, फिर उन्हें 14 साल तक दोबारा निकाह करने की बात कहकर झांसा देता रहा। जब फातिमा हफीज से इस बारे में बात करने उनके घर पहुंचीं तो उन पर जान लेवा हमला किया। इसके बाद जब फातिमा ने न्याय के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मदद की गुहार लगाने की बात कही तो उनके पति ने उन्हें बच्चों समेत जान से मारने की धमकी दे डाली। पीड़ित फातिमा ने मदद के लिए मेरा हक संगठन की फरहत नकवी से मदद की गुहार लगाई है।

फातिमा ने बताया कि वे जब पति के घर उनसे बात करने गईं तो उन पर करीब नौ दस लोगों ने जानलेवा हमला किया। जब उन्होंने पुलिस से बात करने की कोशिश की तो उनसे उनका सामान छीन लिया गया। फातिमा ने बताया कि सिख समुदाय में रहते हुए भी उन्होंने एक शादी की थी और उनके दो बेटे भी हैं जो उनके साथ रहते हैं। फातिमा ने बताया कि वे सपा से ताल्लुक रखती थीं और महिला सभा की अध्यक्ष थीं। वे पूरनपुर नगरपालिका की चेयरमैन भी रह चुकी हैं। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने पुलिस से इस बारे में शिकायत की तो उन्होंने मदद करने के बजाय उनका मजाक बनाना शुरू कर दिया।

वहीं इस बारे में फरहत नकवी ने बताया कि फातिमा ने मुस्लिम धर्म इसलिए कुबूल किया था क्योंकि उन्हें ये धर्म पसंद था। धर्म परिवर्तन के बाद फातिमा ने कानूनी लड़ाई करके अपने दोनों सिख बेटों को हासिल कर मुस्लिम धर्म कबूल करवा लिया। उसके बाद फातिमा का निकाह हफीज से कराया गया, उसकी पत्नी की मृत्यु हो चुकी थी और पहले से एक बेटी थी। निकाह के बाद उनके पति हफीज ने फातिमा को प्रताड़ित किया और तीन तलाक दे दिया। उसके बाद दोबारा निकाह का दिलासा देकर अपने परिचित से उनका हलाला करवा दिया। लेकिन निकाह नहीं किया। जब फातिमा ने इस मामले में योगी जी से न्याय मांगने की बात कही तो उन लोगों ने फातिमा पर जानलेवा हमले कराना शुरू कर दिए।

 

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