
बदायूं। उझानी कोतवाली में तैनात दरोगा कुंवरपाल सिंह की सोमवार सुबह दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। शहर के पोस्टमॉर्टम हाउस से लौटते समय यह हादसा हुआ, जिसने पूरे पुलिस महकमे को झकझोर कर रख दिया।
मृत किशोरी के शव का पोस्टमॉर्टम कराने के सिलसिले में दरोगा सिपाही के साथ बदायूं आए थे। ठंड अधिक होने के कारण वे सिविल लाइंस थाने के सामने एक चाय की दुकान पर रुके। चाय पीने के बाद जैसे ही वह उठकर आगे बढ़े, अचानक जमीन पर गिर पड़े और बेहोश हो गए। यह दृश्य देखकर वहां मौजूद लोग सन्न रह गए।
मौके पर मौजूद साथी सिपाही ने बिना देर किए दरोगा को सीपीआर दिया। आसपास मौजूद लोग भी मदद को दौड़े, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। उनकी सांसें वापस नहीं लौटीं। आनन-फानन में उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। दरोगा की अचानक मौत की खबर फैलते ही पुलिस विभाग में शोक की लहर दौड़ गई। सूचना मिलते ही एसएसपी समेत कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी जिला अस्पताल पहुंचे और मामले की जानकारी ली।
दरोगा कुंवरपाल सिंह बुलंदशहर के रामघाट के मूल निवासी थे। वर्तमान में उनका परिवार चंदौसी में रह रहा है। वह उझानी कोतवाली में तैनात थे। उल्लेखनीय है कि कोतवाली क्षेत्र में रविवार को एक किशोरी ने आत्महत्या कर ली थी, उसी मामले में पोस्टमॉर्टम की कार्रवाई के लिए वह शहर आए थे। ड्यूटी निभाते हुए एक अनुभवी दरोगा की इस तरह अचानक मौत ने सभी को स्तब्ध कर दिया है। कुछ पलों में हंसता-बोलता इंसान यूं जिंदगी की जंग हार जाएगा, किसी ने सोचा भी नहीं था।
Updated on:
05 Jan 2026 04:56 pm
Published on:
05 Jan 2026 04:55 pm
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