
बरेली की प्लाइवुड इंडस्ट्री को लगा रहे थे चूना, नहीं मिल रहा था कच्चा माल
जीएसटी चेकिंग का बरेली की प्लाइवुड इंडस्ट्री पर सीधा प्रभाव पड़ेगा। प्लाइवुड इंडस्ट्री वालों की शिकायत थी कि वुड एंड टिंबर अवैध तरीके से पूर्वांचल व अन्य जिलों से बरेली और रामपुर में लाया जा रहा है। सस्ते दामों में वह यहां सप्लाई कर देते हैं। इसकी वजह से उन लोगों को कच्चा माल नहीं मिल पाता है। इसका संज्ञान लेते हुए एडिशनल कमिश्नर राज्य कर ओपी चौबे के निर्देश पर छुट्टी के दिनों में 23 से 25 दिसंबर तक लगातार राउंड द क्लॉक चार सचल दलों ने चेकिंग की। फतेहगंज, फरीदपुर टोल प्लाजा बरेली, पीलीभीत, बदायूं व शाहजहांपुर से गुजरने वाले सड़कों पर चेकिंग के दौरान 453 वाहनों की जांच पड़ताल की गई। उनके 4.78 करोड़ के ई वे बिल स्कैन किए गए।
वुड एंड टिंबर की निकलीं 124 गाड़ियां, 1.79 करोड़ के बिलों की चल रही जांच
जीएसटी चोरी की आशंका पर 453 में 124 वुड एंड टिंबर के निकले। उनके 1.79 करोड़ के ई वे बिल स्कैन किए गए। वुड एंड टिंबर पर 12 फीसदी जीएसटी सरकार को देनी है। 124 वाहनों में छह वाहन ऐसे थे। जिनके प्रपत्र में भारी गड़बड़ी पाई गई। छह वाहनों में वुड एंड टिंबर की अनुमानित लागत करीब 34 लाख है। उन सभी को नोटिस जारी किए गए हैं। नोटिस जारी के बाद मामले में कार्यवाही की जाए।
Published on:
25 Dec 2023 07:32 pm

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