
बरेली। दिवाली के मौके पर मुनाफाखोरों ने लोगों की सेहत से खिलवाड़ किया। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) द्वारा लिए गए नमूनों की जांच में दूध, पनीर, खोआ, मूंगफली दाना, भुना चना और चिकन बिरयानी जैसे खाद्य पदार्थों को असुरक्षित पाया गया। इन पदार्थों में हानिकारक रसायनों और अखाद्य वस्तुओं का उपयोग किया गया था। अब विक्रेताओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
पीलीभीत बाइपास स्थित अलबाज बिरयानी और बहेड़ी की मुरादाबादी बिरयानी के नमूनों में सिंथेटिक रंग के इस्तेमाल की पुष्टि हुई है। जांच में सामने आया कि चमक बढ़ाने के लिए इन हानिकारक रसायनों का उपयोग किया गया, जो स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक है।
देवचरा के बजरंग डेयरी और बदायूं रोड के गोधनपाल डेयरी के दूध के नमूनों में फैट की मात्रा असामान्य रूप से अधिक पाई गई। इसे बढ़ाने के लिए केमिकल्स और अखाद्य पदार्थों का इस्तेमाल किया गया, जिससे उपभोक्ताओं की सेहत को गंभीर खतरा हो सकता है।
नवाबगंज के जय गुरुदेव मिष्ठान भंडार और फरीदपुर के रमेश की दुकान के खोआ में मिलावट मिली।
डोहरा रोड स्थित बालाजी स्वीट्स और लक्ष्मीनगर के मोहित रस्तोगी के पनीर को भी असुरक्षित पाया गया।
एकतानगर स्थित प्रकाश जनरल स्टोर की मूंगफली और एयर प्लाजा रिटेल का भुना चना भी जांच में फेल हो गए।
सहायक आयुक्त (खाद्य) अपूर्व श्रीवास्तव ने बताया कि असुरक्षित खाद्य पदार्थों के नमूने जांच में दोषी पाए गए। अब इन विक्रेताओं के खिलाफ वाद दायर करने के लिए खाद्य आयुक्त से अनुमति मांगी गई है। साथ ही, विक्रेताओं को नोटिस जारी कर 30 दिनों के भीतर जवाब देने को कहा गया है।
Updated on:
15 Dec 2024 11:38 am
Published on:
15 Dec 2024 11:37 am

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