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699 करोड़ से चमकेगा शहर, निगम बैठक में बजट पर मुहर, जाने क्यों हुआ हंगामा और ट्रांसफर

शहर के विकास कार्यों को नई रफ्तार देने के लिए नगर निगम ने 699 करोड़ रुपये का बजट पारित कर दिया। शुक्रवार को हुई नगर निगम बोर्ड की बैठक में पहले 697 करोड़ रुपये का बजट पेश किया गया, जिसे बढ़ाकर 699 करोड़ रुपये कर दिया गया। बैठक के दौरान विकास कार्यों के साथ ही हेल्थ विभाग में भ्रष्टाचार, टैक्स विभाग की मनमानी, और अतिक्रमण टीम पर वसूली जैसे आरोपों को लेकर जोरदार बहस हुई।

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बरेली। शहर के विकास कार्यों को नई रफ्तार देने के लिए नगर निगम ने 699 करोड़ रुपये का बजट पारित कर दिया। शुक्रवार को हुई नगर निगम बोर्ड की बैठक में पहले 697 करोड़ रुपये का बजट पेश किया गया, जिसे बढ़ाकर 699 करोड़ रुपये कर दिया गया। बैठक के दौरान विकास कार्यों के साथ ही हेल्थ विभाग में भ्रष्टाचार, टैक्स विभाग की मनमानी, और अतिक्रमण टीम पर वसूली जैसे आरोपों को लेकर जोरदार बहस हुई।

बैठक की अध्यक्षता और प्रमुख फैसले

मेयर डा. उमेश गौतम की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में नगरायुक्त संजीव कुमार मौर्य, अपर नगरायुक्त सुनील कुमार यादव, और उपसभापति सर्वेश रस्तोगी समेत अन्य पार्षद और अधिकारी मौजूद रहे।

अतिक्रमण प्रभारी के तबादले का आदेश: राजस्व निरीक्षक विवेक कुमार पर अवैध वसूली के आरोप लगे। मेयर ने उन्हें तत्काल मूल पद पर भेजने का आदेश दिया।

स्वास्थ्य विभाग पर सख्ती: नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा. भानु प्रसाद को चेतावनी दी गई कि यदि सुधार नहीं हुआ, तो उनके खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाया जाएगा।

सदन में गूंजे आरोप और हंगामा

बैठक के दौरान पार्षदों ने अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों द्वारा पार्षदों के फोन नहीं उठाए जाते और बोर्ड के आदेशों की अनदेखी की जा रही है।

अतिक्रमण टीम पर अवैध वसूली: पार्षद गौरव सक्सेना, अब्दुल कय्यूम मुन्ना, और शमीम अहमद ने आरोप लगाया कि अतिक्रमण अभियान में वसूली की जा रही है।

टैक्स विभाग पर सवाल: पार्षद राजेश अग्रवाल ने आरोप लगाया कि टैक्स विभाग धार्मिक स्थलों पर भी बकाया दिखा रहा है और करदाताओं को धमकियां दी जा रही हैं।

भ्रष्टाचार के लगे नारे

सदन में फसल बहार और सूखे पेड़ों की नीलामी को लेकर भी बहस हुई। पार्षद शशि सक्सेना ने नीलामी का प्रमाण पेश किया, जिसे उद्यान प्रभारी ने नकार दिया। इससे नाराज पार्षदों ने भ्रष्टाचार के नारे लगाए।

विकास कार्यों पर चर्चा

बैठक में भाजपा और सपा के पार्षदों ने कहा कि पिछले साल कई विकास कार्य अधूरे रह गए।

वार्डों में 50-50 लाख रुपये की धनराशि से स्वीकृत कार्यों के टेंडर अभी तक पूरे नहीं हुए।

दीपावली पर प्रत्येक वार्ड में 50 नई लाइट लगाने की योजना थी, लेकिन केवल 5 लाइट लगाई गईं।

मेयर का बयान

मेयर ने कहा कि जनता के हित में पार्षदों की शिकायतों का समाधान किया जाएगा और विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिया कि बोर्ड के आदेशों का कड़ाई से पालन करें।


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