
बरेली। अग्निवीर भर्ती रैली के लिए किए गए प्रशासन और नगर निगम के दावे पहले ही दिन हवा-हवाई साबित हो गए। मंगलवार रात से बरेली पहुंचने लगे 12 जिलों के अभ्यर्थियों को शहर में बने अस्थायी शेल्टर होम में बदइंतजामी का सामना करना पड़ा। कई जगह बिजली और पानी की व्यवस्था नहीं थी, जबकि गंदगी और मच्छरों के बीच युवाओं को रात गुजारनी पड़ी।
सेना भर्ती कार्यालय बरेली के तहत आने वाले 12 जिलों के युवाओं का शहर में पहुंचना मंगलवार शाम से शुरू हो गया। भर्ती रैली 11 से 23 मार्च तक चलेगी। बुधवार को पहले दिन 10 जिलों के 1094 अभ्यर्थी भर्ती प्रक्रिया में हिस्सा लेंगे। पुलिस-प्रशासन और नगर निगम कई दिनों से तैयारियों का दावा कर रहे थे, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग दिखाई दी।
भर्ती रैली के दौरान नगर निगम की ओर से 11 शेल्टर होम की व्यवस्था बताई गई थी, जिनमें सात स्थायी और पांच अस्थायी हैं। लेकिन सेटेलाइट बस अड्डे के पास बने अस्थायी शेल्टर होम में बिजली, पानी, गद्दे और चादर जैसी मूलभूत सुविधाएं तक नहीं मिलीं। आसपास कीचड़ और गंदगी फैली थी, जिससे युवाओं को भारी परेशानी उठानी पड़ी। अभ्यर्थियों ने मोबाइल की टॉर्च जलाकर रात बिताई। पुराना रोडवेज बस स्टैंड के अस्थायी शेल्टर होम में गद्दे और लिहाफ इतने गंदे मिले कि उनका इस्तेमाल करना मुश्किल था। यहां भी बिजली और पानी की व्यवस्था नहीं थी।
शेल्टर होम में मच्छरों का जबरदस्त प्रकोप देखने को मिला। स्वास्थ्य और मलेरिया विभाग की ओर से भी कोई ठोस इंतजाम नजर नहीं आया। परेशान युवाओं ने मच्छरों से बचने के लिए धुआं करके किसी तरह रात काटी। चौपुला क्षेत्र के शेल्टर होम का हाल भी लगभग ऐसा ही रहा। हरदोई से आए अभ्यर्थी मुकेश कुमार ने बताया कि शेल्टर होम की स्थिति इतनी खराब थी कि वहां रुकना मुश्किल था, इसलिए उन्होंने गेस्ट हाउस में कमरा लेकर रात बिताई। वहीं बलरामपुर के मयंक ने कहा कि इतनी बदइंतजामी के बीच शेल्टर होम में रुकने से बेहतर रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म पर रात गुजारना है।
सेना भर्ती कार्यालय बरेली के तहत बरेली, बदायूं, बहराइच, बलरामपुर, फर्रुखाबाद, श्रावस्ती, लखीमपुर खीरी, शाहजहांपुर, सीतापुर, संभल, पीलीभीत और हरदोई जिले आते हैं। 11 और 12 मार्च को इन जिलों के युवा भर्ती रैली में शामिल होंगे, जबकि अन्य दिनों में इन्हीं जिलों के लिए अलग-अलग तिथियां तय की गई हैं। अग्निवीर भर्ती रैली के बीच ही 14 और 15 मार्च को उत्तर प्रदेश पुलिस सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा भी होनी है। बरेली में इसके लिए 19 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं और करीब 38 हजार अभ्यर्थी परीक्षा देने आएंगे। ऐसे में यदि व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हुआ तो शहर में आवास और यातायात व्यवस्था को लेकर बड़ी परेशानी खड़ी हो सकती है।
Updated on:
11 Mar 2026 04:11 pm
Published on:
11 Mar 2026 03:59 pm
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