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आयुष्मान के नाम पर लूट का खेल बेनकाब, कमिश्नर का अल्टीमेटम, अब पैसा लिया तो सीधे केस, कई चेहरे रडार पर

विकास भवन सभागार में हुई मंडलीय समीक्षा बैठक इस बार सिर्फ औपचारिक नहीं रही, बल्कि अफसरों के लिए साफ संदेश बनकर उभरी—जनता से जुड़ी योजनाओं में गड़बड़ी मिली तो सीधे कार्रवाई होगी।

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बरेली। विकास भवन सभागार में हुई मंडलीय समीक्षा बैठक इस बार सिर्फ औपचारिक नहीं रही, बल्कि अफसरों के लिए साफ संदेश बनकर उभरी—जनता से जुड़ी योजनाओं में गड़बड़ी मिली तो सीधे कार्रवाई होगी। मंडलायुक्त भूपेंद्र एस. चौधरी ने आयुष्मान योजना से लेकर गेहूं खरीद, स्वास्थ्य सेवाओं और निर्माण कार्यों तक हर मोर्चे पर अधिकारियों की जमकर क्लास ली।

सबसे ज्यादा सख्ती आयुष्मान योजना को लेकर दिखाई गई। कमिश्नर ने साफ कहा—अगर किसी मरीज से इलाज के नाम पर पैसा लिया गया तो सिर्फ पैसा वापस कराने से काम नहीं चलेगा, जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी। पीलीभीत में दर्ज एफआईआर का हवाला देकर अफसरों को चेताया गया कि अब शिकायत आई तो सीधे केस दर्ज होगा।

गेहूं खरीद पर नजर, केंद्रों पर लापरवाही मिली तो खैर नहीं

गेहूं खरीद की समीक्षा में सामने आया कि मंडल में 538 केंद्र तैयार हैं और 2582 रुपये प्रति क्विंटल की दर तय है, लेकिन बारिश के चलते आवक धीमी है। इस पर कमिश्नर ने आदेश दिया कि हर केंद्र का सुबह-शाम निरीक्षण हो, कर्मचारी गायब मिले तो कार्रवाई तय मानी जाए। वहीं स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में कमिश्नर का रुख सख्त रहा। उन्होंने साफ कहा कि बजट खर्च कहां हो रहा है, इसकी अलग से समीक्षा हो। साथ ही अस्पतालों में ICU बेड बढ़ाने के निर्देश दिए गए। गर्भवती महिलाओं की हेपेटाइटिस-बी जांच को अनिवार्य बताते हुए कहा गया कि इसमें लापरवाही सीधे बच्चों की सेहत से खिलवाड़ है।

फर्जी बिल और प्रमाणपत्रों पर शिकंजा, हर कागज की होगी जांच

शाहजहांपुर में फर्जी मेडिकल बिलों का मामला सामने आने पर कमिश्नर ने अफसरों को फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि जिन अस्पतालों का अस्तित्व ही नहीं, उनके बिल पास होना बेहद गंभीर है। अब हर बिल का सत्यापन होगा। दिव्यांग प्रमाणपत्र और मेडिकोलीगल रिपोर्ट भी बिना जांच के जारी नहीं होंगे। निर्माण कार्यों में ढिलाई पर भी कमिश्नर ने सख्त तेवर दिखाए। आदेश दिया कि किसी भी परियोजना का 50 प्रतिशत काम पूरा होने से पहले निरीक्षण अनिवार्य होगा। गर्रा नदी पुल, पीलीभीत स्टेडियम और बस अड्डों जैसी परियोजनाओं की प्रगति पर भी सीधे सवाल पूछे गए।

योजनाओं की रफ्तार बढ़ाओ, रोजगार से जुड़ो

ओडीओपी टूलकिट, आंगनबाड़ी भर्ती और रोजगार योजनाओं पर भी तेजी लाने के निर्देश दिए गए। कमिश्नर ने कहा कि विभाग भी रोजगार योजना में रजिस्ट्रेशन कर फायदा लें। साथ ही स्कूलों में बदले जा रहे कोर्स और किताबों की जांच कराने के आदेश दिए गए। बैठक में बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर और बदायूं के डीएम समेत तमाम अधिकारी मौजूद रहे। अंत में कमिश्नर ने दो टूक कहा अब काम में ढिलाई या गड़बड़ी मिली तो सीधे कार्रवाई होगी, कोई भी बच नहीं पाएगा।

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