
बरेली। रेप का झूठा मुकदमा लिखाने वाली युवती को कोर्ट ने ऐसी सजा दी है जो फर्जी मुकदमा लिखाने वालों के लिए एक नजीर साबित होगी। अपर जिला जज ज्ञानेंद्र त्रिपाठी की कोर्ट ने युवती को चार साल छह माह आठ दिन की सजा दी है। उस पर पांच लाख 88 हजार 822 रुपये 47 पैसे के जुर्माना लगाया है। जुर्माने की रकम नहीं देने पर छह माह की अतिरिक्त जेल होगी। जुर्माने की पूरी राशि दोषमुक्त हुए अजय को देने के आदेश कोर्ट ने दिए हैं।
दिसंबर 2019 में दर्ज कराया गया था दुष्कर्म का मुकदमा
एडीजीसी क्राइम सुनील पांडेय ने बताया कि बारादरी में युवती की मां ने दो सितंबर 2019 को दुष्कर्म की एफआईआर करायी थी। बरेली के नेकपुर सुभाषनगर में रहने वाले अजय उर्फ राघव और उसकी बेटी झांकी बनाते थे। 29 अगस्त 2019 को अजय उसकी बेटी को भगा ले गया। बारादरी पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर युवती को बरामद किया। युवती ने अजय पर नशीला प्रसाद खिलाकर दिल्ली में बंधक बनाकर दुष्कर्म के गंभीर आरोप लगाये थे। 2019 से अब तक जेल में बंद था।
युवती बोली- मैं अनपढ़ हूं, पढ़ना लिखना नहीं जानती
रेप केस की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में चल रही थी। युवती ने 13 अक्तूबर 2023 को कोर्ट में आरोपी अजय के खिलाफ बयान दिये थे। आठ फरवरी 2024 को जिरह के दौरान युवती अपने बयानों से पूरी तरह से मुकर गयी थी। युवती बोली मै अनपढ़ हूं। पढ़ना-लिखना नहीं जानती हूं, जबकि कलमबंद बयान में युवती ने अंग्रेजी में हस्ताक्षर किये थे। वह बोली अजय ने उसके साथ दुष्कर्म नहीं किया था। कलमबंद बयान मैंने पुलिस के दबाव में दिया था।
युवती को भेजा गया जेल
बयानों से मुकरने पर कोर्ट ने युवती से सवाल किए तो वह बोली कि वह आज जो बयान दे रही है, वह सही है। पहले उसने गलत बयान दिया था। जिस पर फास्ट ट्रैक कोर्ट में शपथ लेकर गलत बयान देने पर युवती को न्यायिक हिरासत में लेकर उसके खिलाफ केस दर्ज करने के आदेश दे दिए। फटाफट कोर्ट के पेशकार विनोद बिहारी माथुर ने युवती के खिलाफ केस दर्ज किया। इसके बाद उसे सीजेएम कोर्ट में उसे पेश किया गया। जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
Published on:
05 May 2024 05:47 pm
बड़ी खबरें
View Allबरेली
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
