
बरेली। बरेली पुलिस के लिए ‘यक्ष एप’ अपराधियों के खिलाफ बड़ी ताकत बनता जा रहा है। इस एप की मदद से पुलिस न सिर्फ अपराधियों का पूरा आपराधिक इतिहास खंगाल रही है, बल्कि कई बड़े मामलों का पर्दाफाश भी हो रहा है। ताजा मामला सीबीगंज क्षेत्र का है, जहां एक साधारण सड़क हादसे की जांच करते-करते पुलिस के सामने अपहरण का सनसनीखेज मामला खुल गया।
डीआईजी रेंज अजय कुमार साहनी 5 अप्रैल को सीबीगंज थाना क्षेत्र में तेज रफ्तार बोलेरो अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़े कैंटर में जा घुसी। इसी दौरान पीछे से आ रही बाइक भी बोलेरो से टकरा गई। हादसा इतना भीषण था कि मौके पर ही पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि एक युवक और दो छोटे बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए। जब पुलिस ने मृतकों के मोबाइल फोन खंगाले और ‘यक्ष एप’ पर उनका रिकॉर्ड देखा तो मामला पूरी तरह पलट गया। जांच में सामने आया कि मृतक मनमोहन, सिकंदर और विशेष तथा घायल युवक प्रिंस हत्या, डकैती और लूट जैसे गंभीर मामलों के पुराने अपराधी थे।
जांच आगे बढ़ी तो पुलिस ने मृतक मनमोहन के पिता नत्थूलाल से पूछताछ की। पूछताछ में बड़ा खुलासा हुआ कि इन अपराधियों ने 4 अप्रैल को हरियाणा के गुरुग्राम से मनोज नाम के व्यक्ति और उसके दो मासूम बच्चों का अपहरण कर लिया था। हादसे में घायल मिले दोनों बच्चे वही अपहृत बच्चे निकले। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए फरीदपुर के एक मकान पर दबिश दी, जहां बच्चों के पिता मनोज को बंधक बनाकर रखा गया था। पुलिस ने मनोज को सकुशल मुक्त करा लिया। इस तरह एक सड़क हादसे की जांच ने अपहरण की पूरी साजिश बेनकाब कर दी।
इसी कड़ी में बारादरी थाना क्षेत्र में 31 मार्च को घर में घुसकर बुलेट मोटरसाइकिल, मोबाइल फोन और चांदी का ब्रेसलेट चोरी करने की घटना का भी खुलासा हुआ। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और ‘यक्ष एप’ की मदद से शातिर आरोपी सिकंदर उर्फ छोटा और उसके साथी मुकेश को गिरफ्तार कर लिया। डीआईजी रेंज अजय कुमार साहनी का कहना है कि ‘यक्ष एप’ की मदद से अपराधियों की पहचान और उनका आपराधिक इतिहास खंगालना आसान हो गया है, जिससे अपराधों के खुलासे में तेजी आ रही है और अपराधियों की साजिशें लगातार नाकाम हो रही हैं।
Published on:
07 Apr 2026 07:31 pm
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