
बरेली। तीन दिन से लापता दो किशोरों के शव शनिवार को रामगंगा नदी के डैम के पास तैरते हुए मिले। इस दर्दनाक घटना से गुस्साए परिजनों ने रविवार सुबह सुभाषनगर थाने का घेराव कर प्रदर्शन किया। परिजनों का आरोप था कि बच्चों के लापता होने की सूचना देने के बावजूद पुलिस ने लापरवाही बरती, जिससे उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
आक्रोशित भीड़ ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की और जांच की मांग की। थाने पर बढ़ते तनाव को देखते हुए पुलिस ने परिजनों से बात कर उन्हें समझाने की कोशिश की। पुलिस ने भरोसा दिलाया कि मामले की गहन जांच की जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
इस मामले में सत्यम के पिता संजय सिंह व विनीत की मां ने आरोप लगाया कि उनके बेटों की हत्या की गई है। परिजनों का कहना था कि वह लोग तब तक शव नहीं लेगें। जब तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि अमन उनके बेटों को बुलाकर ले गया। वहां शमशान घाट के पास दारू पार्टी करने के बाद उसने अपने दोस्त कृष्णा व अन्य साथियों के साथ मिलकर डंडे से पीट-पीटकर मौत के घाट उतारकर गंगा में वहां दिया। इस मामले में पुलिस ने कृष्णा को हिरासत में ले लिया है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है।
सुभाषनगर में रामऔतार हलवाई के पास रहने वाली ममता ने अपने 17 वर्षीय भांजे विनीत और पड़ोस में सुशीला बिल्डिंग के पास रहने वाले संजय सिंह के 15 वर्षीय बेटे सत्यम की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। गुरुवार दोपहर करीब दो बजे दोनों रामगंगा नदी की ओर गए थे और फिर लौटकर नहीं आए। परिजनों ने काफी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला, जिसके बाद पुलिस से मदद ली गई। शनिवार दोपहर करीब चार बजे रामगंगा नदी में डैम के पास दोनों के शव तैरते मिले।
Published on:
30 Mar 2025 02:12 pm
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