
बरेली। जम्मू में सैन्य शिविर पर हुए आतंकी हमले के बाद एक बार फिर त्रिशूल एयरबेस की सुरक्षा की कवायद शुरू हो गई है। एयरफोर्स की दीवार से 100 मीटर की दूरी पर निर्माण कार्य पर रोक लगी हुई है बावजूद इसके इस क्षेत्र में पक्का निर्माण कार्य कराया जा रहा है जिसको लेकर एयरफोर्स के ग्रुप कैप्टन ने प्रशासन से आपत्ति जताई है। एडीएम सिटी ने एयरफोर्स की आपत्ति को देखते हुए बीडीए सचिव को एयरफोर्स के पास हो रहे निर्माण पर तुरंत रोक लगाने के आदेश दिए हैं।
हो रहा अवैध निर्माण
एयरफोर्स स्टेशन के अफसर शिवानंद ने एडीएम सिटी से शिकायत की है कि एयरफोर्स स्टेशन के प्रतिबंधित क्षेत्र में गायत्री नगर में अवैध निर्माण किया जा रहा है। एयरफोर्स अफसर ने बिल्डर का नाम और और निर्माण के फोटोग्राफ भी प्रशासन को दिए हैं। त्रिशूल एयरबेस के पास हो रहे अवैध निर्माण से वायुसेना की चिंता बढ़ गई है।
100 मीटर के दायरे में नहीं हो सकता निर्माण
एयरफोर्स स्टेशन के 100 मीटर के दायरे में किसी भी तरह के निर्माण पर रोक लगी हुई है। वर्ष 2010 में इसका आदेश भी जारी हो चुका है। इसके बावजूद भी बाउंड्रीवाल के आस पास अवैध निर्माण जारी है। 2016 में पठानकोट में हुए आतंकी हमले के बाद देश के सभी वायुसेना स्टेशनों की सुरक्षा बढ़ा दी गई थी जिसके बाद त्रिशूल के आस पास अवैध निर्माणों को चिन्हित किया गया था। बीडीए ने 336 अवैध भवन चिन्हित किए थे नगर निगम ने भी इस दौरान सर्वे कर रिपोर्ट अफसरों को सौंप दी थी।
बर्ड हिट का भी खतरा
एयरफोर्स स्टेशन से उड़ने वाले जाहजों को बर्ड हिट का खतरा भी मंडरा रहा है आस पास रहने वाले लोग जानवरों को मारकर खुले में डाल देते है जिससे पक्षी एयरफोर्स के आस पास ही मंडराते रहते है। बर्ड हिट से बचाव के लिए बरेली में सॉलिड वेस्ट मैनजेमेंट प्लांट भी लगाया गया था लेकिन वो भी राजनीति के चक्कर में बंद पड़ा हुआ है।
शिकायत के बाद भी एक्शन नहीं
त्रिशूल एयरफोर्स स्टेशन को खतरे से बचाने के लिए एयरफोर्स समय समय पर प्रशासन को अवगत कराता रहता है। प्रशासन के साथ होने वाली बैठकों में भी इन समस्याओं को रखा जाता है। बैठक में निर्देश दिए जाते हैं कि इन समस्याओं का समाधान होगा लेकिन उसके बाद सब भूल जाते हैं और समस्या जस की तस बनी रहती है। एयरफोर्स के आस पास अवैध निर्माण होने और मरे हुए जानवर और मांस फेंकने की शिकायतें कई बार हो चुकी हैं लेकिन इन पर रोक नहीं लग पा रही है जिससे त्रिशूल पर खतरा बना रहता है।
Published on:
13 Feb 2018 04:21 pm
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