4 फ़रवरी 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अमेरिका से बेड़ियों में जकड़कर लौटे महिला समेत रुहेलखंड के तीन लोग, डंकी रूट से पहुंचे थे, जाने मामला

शिवनगर कॉलोनी निवासी श्वेता ढिल्लो (34) और उनका 10 वर्षीय बेटा जसजोत सिंह ढिल्लो, तथा गजरौला क्षेत्र की बलजीत कौर अमेरिका से भारत वापस भेजे गए अवैध प्रवासियों में शामिल हैं। तीनों डंकी रूट के जरिये अमेरिका पहुंचे थे लेकिन वहां की सख्त आव्रजन नीति के चलते उन्हें हिरासत में लेकर स्वदेश लौटा दिया गया। शनिवार शाम तीनों को अमृतसर एयरपोर्ट पर लाया गया, जहां से उन्हें रविवार को पीलीभीत भेजा जाएगा।

less than 1 minute read
Google source verification

पीलीभीत। शिवनगर कॉलोनी निवासी श्वेता ढिल्लो (34) और उनका 10 वर्षीय बेटा जसजोत सिंह ढिल्लो, तथा गजरौला क्षेत्र की बलजीत कौर अमेरिका से भारत वापस भेजे गए अवैध प्रवासियों में शामिल हैं। तीनों डंकी रूट के जरिये अमेरिका पहुंचे थे लेकिन वहां की सख्त आव्रजन नीति के चलते उन्हें हिरासत में लेकर स्वदेश लौटा दिया गया। शनिवार शाम तीनों को अमृतसर एयरपोर्ट पर लाया गया, जहां से उन्हें रविवार को पीलीभीत भेजा जाएगा। श्वेता के पिता अमिंदर सिंह ढिल्लो ने बताया कि उनकी बेटी और नाती ने 11 जनवरी 2025 को दिल्ली से पेरिस होते हुए सिलवाकोट के रास्ते अमेरिका पहुंचने की कोशिश की थी। लेकिन अवैध तरीके से अमेरिका में प्रवेश करने के कारण उन्हें पकड़ लिया गया और बेड़ियों में जकड़कर वापस भारत भेज दिया गया।

डंकी रूट के जरिए विदेश जाते हैं लोग

डंकी रूट के जरिये विदेश जाने की घटनाएं पीलीभीत में लगातार बढ़ रही हैं, खासकर पूरनपुर क्षेत्र से बड़ी संख्या में युवा अवैध रूप से विदेश जाने का प्रयास कर रहे हैं। इस काम में आइलेट सेंटरों की संदिग्ध भूमिका सामने आई है, जो फर्जी दस्तावेजों के सहारे युवाओं को विदेश भेजने में मदद करते हैं।
कुछ दिन पहले ही बंजरिया गांव के गुरप्रीत सिंह को अमेरिका से वापस भेजा गया था। इसके बाद पुलिस ने संदिग्ध आइलेट सेंटरों की जांच शुरू कर दी थी और एसओजी टीम ने कई दिनों तक जांच की। इस दौरान सेंटर संचालकों द्वारा किए गए घोटाले भी सामने आए हैं।

अमेरिका से आने वालों की एसपी पीलीभीत ने की पुष्टि

एसपी अविनाश पांडेय ने पुष्टि की कि अमेरिका से लौटाए गए लोगों में पीलीभीत के तीन लोग शामिल हैं। अब पुलिस इस मामले में शामिल दलालों और फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले गिरोहों की जांच कर रही है।