बरेली। दरगाह आला हजरत के तीन दिवसीय उर्स ए रजवी के मौके पर रविवार को उलमा ने मुसलमानों के मुद्दों पर मुस्लिम एजेण्डा जारी किया है। बैठक कहा गया कि ट्रिपल टी के फार्मूले यानि तालीम और तिजारत और तरबियत पर काम करें। यही कामयाबी का अकेला रास्ता है।
लड़कियों के लिए अलग से स्कूल और कॉलेज खोले
रविवार को उर्स के पहले दिन इस्लामिक रिसर्च सेन्टर में उलेमा की बैठक हुई। अध्यक्षता ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने की। बैठक में देश के विभिन्न राज्यों से आए हुए उलेमा ने मुसलमानों के मसाइल पर विस्तार से चर्चा की। मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने प्रेस कांफ्रेंस में मुस्लिम एजेण्डा जारी करते हुए मुसलमानों को हिदायत की है कि शिक्षा, बिजनेस, और परिवार पर ध्यान दें। समाज में फैल रही बुराईयों पर रोकथाम करें। लड़कियों के लिए अलग से स्कूल व कॉलेज खोले।
मुसलमानों के प्रति आचरण में बदलाव लाना होगा
इस वक्त भारत की राजनीति बहुत खराब हो चुकी है। इसलिए राजनीति में बहुत ज्यादा हिस्सा न लेकर दूरी बनाए। अन्यथा भविष्य में बड़े नुकसान उठाने पड़ेंगे। मौलाना ने केन्द्र सरकार और राज्य सरकारों को कड़े शब्दों में कहा की देश की एकता और अखण्डता के लिए मुसलमान हर कुर्बानी देने के लिए तैयार है, लेकिन हिन्दु और मुस्लिम के दरमियान नफरत फैलाने वाली राजनीति बरदाश्त नहीं की जा सकती है। मुसलमानों के साथ नाइंसाफी और ज़ुल्म व जियादती को भी ज्यादा दिन तक हम सहन नहीं कर सकते। सरकारों व राजनीतिक पार्टियों को इस पर गम्भीरता से काम करना होगा। मुसलमानों के प्रति अपने आचरण में बदलाव लाना होगा।