केंद्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद ने शुक्रवार को पूरनपुर तहसील के खमरिया तिराहे के पास स्थित बारातघर में आयोजित आशा और संगिनी कार्यकर्ता सम्मेलन में महिला सशक्तिकरण को लेकर कई बड़े ऐलान किए।
पीलीभीत। केंद्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद ने शुक्रवार को पूरनपुर तहसील के खमरिया तिराहे के पास स्थित बारातघर में आयोजित आशा और संगिनी कार्यकर्ता सम्मेलन में महिला सशक्तिकरण को लेकर कई बड़े ऐलान किए। उन्होंने कहा कि देश में महिलाओं को राजनीतिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने के लिए एक तिहाई आरक्षण की व्यवस्था जल्द लागू होने जा रही है।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने कहा,
“महिलाओं की भूमिका पुरुषों से कहीं अधिक होती है। आशा और संगिनी कार्यकर्ता गांव-गांव में स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ हैं। अगर समाज स्वस्थ होगा, तभी देश सशक्त बनेगा।”
उन्होंने यह भी कहा कि आशा कार्यकर्ताओं की सबसे बड़ी समस्या मानदेय की है, जिसे प्रदेश स्तर पर उठाया जाएगा और मानदेय वृद्धि की पैरवी केंद्र में की जाएगी।
अपने संबोधन में मंत्री ने क्षेत्रीय विकास से जुड़े विषयों पर भी बातें कीं। उन्होंने कहा कि पूरनपुर से बरेली के लिए नई ट्रेन सेवा शुरू करने की दिशा में तेज़ी से प्रयास हो रहे हैं। साथ ही कलीनगर तहसील क्षेत्र में पुराने पुलों की मरम्मत और नए पुलों के निर्माण की भी योजना बनाई जा रही है।
सम्मेलन के दौरान आशा और संगिनी कार्यकर्ताओं को प्रोत्साहन स्वरूप प्रेशर कुकर वितरित किए गए। मंत्री ने कहा कि तकनीकी साक्षरता और समय के साथ चलना आज की जरूरत है। महिलाओं को नई तकनीक अपनाने की सलाह दी गई ताकि वे अपने कार्य को और प्रभावी बना सकें।
सम्मेलन में कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे और उन्होंने आशा कार्यकर्ताओं के कार्य की सराहना की:
एमएलसी डॉ. सुधीर गुप्ता
विधायक बाबूराम पासवान
भाजपा जिलाध्यक्ष संजीव प्रताप सिंह
विशिष्ट उपस्थिति में शामिल रहे:
जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि: गुरभाग सिंह
नगर पालिका अध्यक्ष: शैलेंद्र गुप्ता
गन्ना समिति चेयरमैन: नितिन दीक्षित
ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि: अपूर्व सिंह
डीएफओ: नवीन कुमार
सीएमओ: डॉ. आलोक शर्मा
सामाजिक कार्यकर्ता: ऋतुराज पासवान
सम्मेलन से पहले केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने गांव कबीरपुर कसंगजा में जाकर अधिवक्ता सरोज बाजपेयी के घर उनकी माता के निधन पर शोक संवेदना व्यक्त की। इसके बाद उन्होंने नजीरगंज और चतीपुर गांव में जनसंवाद कार्यक्रम के तहत ग्रामीणों से संवाद किया और उनकी समस्याएं जानीं।