
बरेली। नगर निगम की पुनरीक्षित विशेष बजट बैठक सोमवार को हंगामे और तीखी नोकझोंक के बीच संपन्न हुई। टैक्स वसूली, आवारा कुत्ते-बंदरों का बढ़ता आतंक, डीडीपुरम में हाउस टैक्स हेराफेरी, लचर सफाई व्यवस्था और स्ट्रीट लाइट जैसे मुद्दों पर पार्षदों ने अफसरों को कटघरे में खड़ा किया। शोर-शराबे और आरोप-प्रत्यारोप के बीच आखिरकार 978 करोड़ रुपये के पुनरीक्षित बजट को मंजूरी दे दी गई। बैठक में शहर के लिए 7 हजार नई स्ट्रीट लाइट खरीदने की भी स्वीकृति दी गई।
मेयर डॉ. उमेश गौतम की अध्यक्षता में सुबह 11 बजे शुरू हुई बैठक की शुरुआत से ही माहौल गरम रहा। सपा पार्षद दल के नेता गौरव सक्सेना ने टैक्स विभाग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि हाउस टैक्स वसूली लगातार घट रही है, जिससे नगर निगम की आय प्रभावित हो रही है। किरायेदारों से वसूली का मुद्दा भी उठा। बताया गया कि पिछले वर्ष किराये से एक करोड़ रुपये से अधिक की आय हुई थी, जबकि इस वर्ष अब तक करीब 40 लाख रुपये ही वसूले जा सके हैं, जबकि दरें बढ़ाई गई हैं। इस पर मेयर ने नाराजगी जताते हुए जवाबदेही तय करने और एक लाख रुपये से अधिक के बकायेदारों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए।
पार्षदों ने आरोप लगाया कि बंदरों को पकड़कर शहर से बाहर छोड़ने के बजाय भीतर ही छोड़ा जा रहा है। उन्होंने बताया कि बंदर पकड़ने के लिए टेंडर निकाले गए हैं, लेकिन एजेंसी नहीं मिल सकी। वन विभाग से लंगूर मंगाने के विकल्प पर भी विचार किया जा रहा है। कुत्तों की नसबंदी और पकड़ अभियान को लेकर भी असंतोष जताया गया।
बैठक में बिना टेंडर लगे विज्ञापन पट्टों और एजेंसी नाम न होने को नियमों का उल्लंघन बताया गया। डीडीपुरम क्षेत्र में हाउस टैक्स हेराफेरी का मामला फिर उठा। पार्षदों ने कहा कि 25 अगस्त 2025 को मामला उजागर होने के बावजूद अब तक कार्रवाई शून्य है। डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण को भी पूरी तरह विफल बताया गया। पार्षदों ने कहा कि हर बैठक में यही मुद्दा उठता है, लेकिन सुधार नहीं हो रहा।
प्रकाश व्यवस्था पर नौ महीनों में 12 करोड़ रुपये खर्च होने के बावजूद कई वार्डों में अंधेरा छाया होने का मुद्दा उठा। ठंड के मौसम में अलाव की लकड़ी जरूरतमंद वार्डों तक न पहुंचने पर भी नाराजगी जताई गई।
बैठक के दौरान गौरव सक्सेना ने गाने के बोल “क्या हुआ तेरा वादा” गुनगुनाकर पिछली बैठकों में किए गए वादों पर तंज कसा। दीपावली पर 25 और साल में 50 स्ट्रीट लाइट लगाने के वादे अधूरे रहने का आरोप लगाया गया। नगर निगम की नई बिल्डिंग के बोर्ड हाल का निर्माण भी एक साल से पूरा न होने का मुद्दा उठा।
शहर के विकास को लेकर बजट स्वीकृत किया गया है। जनता से जुड़े कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। नगर निगम आय भी बढ़ा रहा है और विकास पर खर्च भी कर रहा है।
— डॉ. उमेश गौतम, मेयर
आय और व्यय मदों पर चर्चा हुई है। विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।
— संजीव कुमार मौर्य, नगर आयुक्त
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Updated on:
29 Dec 2025 08:11 pm
Published on:
29 Dec 2025 08:09 pm
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