
बरेली की जमीन पर पहाड़ों का नजारा नजर आया। यहां शुरू हुये उत्तरायणी मेले का आगाज अद्भुत रंगयात्रा से हुआ। इस रंग यात्रा में उत्तराखण्ड के कई कलाकार शामिल हुए। इन कलाकारों ने अपने रंग रूप से शहरवासियों का मन मोह लिया।

ऊंची चोटियों के बीच से सांस्कृतिक धरोहरों को लेकर लोग बरेली आये हैं। तीन दिन तक पहाड़ की खुशबू से बरेली शहर महकेगा। इस दौरान सेल्फी लेतीं उत्तराखंड की खूबसूरत बालाएं।

उत्तरायणी मेले के दौरान रंगयात्रा को बरेली के मेयर उमेश गौतम ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रंगयात्रा कोतवाली के सामने से शुरू हुई और नावेल्टी चौराहा, अयूब खान चौराहा, चौकी चौराहा और सर्किट हाउस होते हुए बरेली क्लब के मैदान पर समाप्त हुई।

देवभूमि की संस्कृति को समेटे हुए ये कलाकार लोगों को अपना दीवाना बना रहे हैं। एक बार फिर पूरा शहर पहाड़ के रंग में सराबोर हो गया। इस दौरान शहर के नजारों को निहारती पहाड़ों की बाला।

मेले में कलाकारों ने कई मनोहारी सांस्कृतिक कार्यक्रमों को प्रस्तुत किया। इस दौरान पारंपरिक वाद्य यंत्रों की मधुर धुन पूरे वातावरण में गूंजती रही।