
बरेली। दिवाली करीब है शहर रंग-रोशनी में नहा रहा है, घरों की सजावट जोरों पर है। लेकिन इसी बीच डेलापीर तालाब के पास रहने वाले 12 परिवारों के घरों पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। नगर निगम ने इन्हें अवैध निर्माण बताते हुए नोटिस थमा दिया है। चेतावनी दी गई है कि अगर 25 अक्टूबर तक मकान खाली नहीं किए गए, तो बुलडोजर चलेगा और खर्च भी घरवालों से वसूला जाएगा।
इन परिवारों के लिए यह दिवाली खुशियों की नहीं, बल्कि बेघर होने की चिंता लेकर आई है। किसी के चेहरे पर डर है तो किसी की आंखों में आंसू। लोग कह रहे हैं जब सब दीप जलाएंगे, हम घर बचाने की लड़ाई लड़ रहे होंगे।
डेलापीर तालाब के पास की यह कॉलोनी करीब पांच से छह दशक पुरानी बताई जाती है। बुजुर्ग बताते हैं कि जब उन्होंने यहां घर बनाए, तब यह इलाका वीरान था। 70 वर्षीय शकुंतला देवी की आंखें नम हो गईं, बोलीं हम यहां 50-60 साल से हैं। तब दिन में भी डकैती होती थी। हमने ईंट-ईंट जोड़कर घर बनाया। अब कह रहे हैं कि ये अवैध है। इतने साल बाद हम कहां जाएंगे। लोगों का कहना है कि इलाके में सैकड़ों मकान हैं, लेकिन नगर निगम ने फिलहाल सिर्फ 12 घरों को ही निशाने पर लिया है। सभी को 10 अक्टूबर को नोटिस मिला है।
नोटिस आने के बाद से ही लोगों की नींद उड़ गई है। ओमवती देवी कहती हैं पति यहीं गुजर गए, अब घर भी जाएगा, ऐसे में कहां जाएंगे हम। शांति देवी रोते हुए बोलीं मजदूरी करके घर बनाया था। अगर बुलडोजर चला, तो बच्चियों की शादी करें या सिर छिपाने की जगह ढूंढें। गंगा देवी ने कहा सरकार अगर घर तोड़ना चाहती है तो पहले हमें कहीं बसाने की जगह दे।
छात्रा रौनक ने रोते हुए कहा मेरा जन्म यहीं हुआ है। हमारे पास राशन कार्ड है, टैक्स देते हैं, पानी की टंकी लगी है। पापा का पैर टूटा है, अब घर भी टूट जाएगा तो हम कहां जाएंगे? मोदी-योगी जी हमें बस रहने की जगह दे दीजिए।
कॉलोनी के लोगों का कहना है कि वे हाउस टैक्स, बिजली और पानी के बिल भरते हैं, वोट भी डालते हैं। सरकार टैक्स लेती रही, अब कह रही है अवैध मकान हैं। जब टैक्स ले रही थी तब नहीं देखा। लोगों का कहना है कि वे मुख्यमंत्री से मिलने लखनऊ और गोरखपुर तक गए, लेकिन किसी ने नहीं सुना।
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Updated on:
15 Oct 2025 12:16 pm
Published on:
15 Oct 2025 12:15 pm
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