
बरेली। बरेली की मिट्टी से निकली एक पहचान अब प्रतियोगी परीक्षाओं के सवालों में दर्ज हो गई है। जमात रज़ा-ए-मुस्तफ़ा के राष्ट्रीय महासचिव फरमान हसन खान उर्फ फरमान मियाँ का नाम UPSSSC और PCS जैसे बड़े एग्जाम के प्रश्न पत्रों में शामिल होते ही शहर में चर्चा तेज हो गई। इसे बरेली के लिए सम्मान और पहचान दोनों के तौर पर देखा जा रहा है।
जैसे ही यह खबर सामने आई कि फरमान मियाँ का नाम प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर में पूछा गया, सोशल मीडिया से लेकर चौराहों तक चर्चा शुरू हो गई। लोग इसे सिर्फ एक नाम नहीं, बल्कि बरेली की पहचान का राष्ट्रीय मंच पर पहुंचना मान रहे हैं। दरगाह आला हज़रत से जुड़े पुराने संगठन जमात रज़ा-ए-मुस्तफ़ा के राष्ट्रीय महासचिव के तौर पर फरमान मियाँ की पहचान पहले से मजबूत रही है। सामाजिक मुद्दों से लेकर धार्मिक नेतृत्व तक, उन्होंने लगातार सक्रिय भूमिका निभाई है, यही वजह है कि अब उनका नाम सवालों में शामिल हो रहा है।
फरमान मियाँ पहले ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना चुके हैं। फोर्ब्स की 30 अंडर 30 सूची में जगह बनाकर उन्होंने अपनी मौजूदगी दर्ज कराई थी। अब प्रतियोगी परीक्षाओं में नाम शामिल होना इस बात का संकेत है कि उनका प्रभाव सिर्फ समाज तक नहीं, बल्कि सिस्टम तक पहुंच चुका है। भारत गौरव रत्न से सम्मानित फरमान मियाँ का कद लगातार बढ़ता जा रहा है। समाजसेवा, शिक्षा और जागरूकता के क्षेत्र में किए गए काम अब उन्हें एक अलग पहचान दे रहे हैं। यही वजह है कि उनका नाम अब किताबों और सवालों तक पहुंच गया है।
खबर सामने आते ही समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई। सोशल मीडिया पर बधाइयों का तांता लग गया। लोगों ने इसे बरेली का गौरव बताते हुए इसे ऐतिहासिक पल करार दिया। फरमान मियाँ की यह उपलब्धि युवाओं के लिए साफ संदेश देती है, अगर काम दमदार हो तो पहचान खुद रास्ता बना लेती है। बरेली का यह नाम अब सिर्फ शहर तक सीमित नहीं, बल्कि लाखों अभ्यर्थियों के सवालों में दर्ज हो चुका है।
Published on:
02 Apr 2026 09:20 pm
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