अध्यक्ष भंवरलाल छाजेड़ व सचिव सम्पतराज बोथरा ने बताया कि आचार्य के प्रवेश के साथ साथ बाडमेर शहर के समीप कुशल वाटिका प्रांगण हर शनिवार को मेले का आयोजन हुआ, जिसमें बाडमेर सहित आस-पास के अन्य गावो से जैन बन्धुओं ने कुशल वाटिका पहंुच कर दर्शन किए। कुशल वाटिका में आने वाले भक्त को मुनिसुव्रत स्वामी भगवान मन्दिर, दादावाडी, नवग्रह मन्दिर, गुरू मन्दिर, देवी-देवताओ के आदि मन्दिरो के दर्शन, पूजा, आदि का लाभ मिलता है।