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बाड़मेर में अस्पताल में ओपीडी के साथ वार्ड भी मरीजों से भरे

-300 की क्षमता में 350 मरीज भर्ती-सबसे अधिक मेडिसिन आइपीडी में मरीज-डेंगू जैसे लक्षणों से पीडि़त है सबसे अधिक रोगी
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बाड़मेर

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Mahendra Trivedi

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Updated: 28 Sep 2021, 10:11 PM IST

बाड़मेर में अस्पताल में ओपीडी के साथ वार्ड भी मरीजों से भरे

बाड़मेर में अस्पताल में ओपीडी के साथ वार्ड भी मरीजों से भरे

बाड़मेर. मौसमी बीमारियों की जकड़ में हर कोई बीमार हो रहा है। घर-घर बुखार के रोगी बढ़ते जा रहे हैं। अस्तपालों की भीड़ से अंदाजा लगाया जा सकता है कि मरीजों की संख्या बेतहाशा रूप से बढ़ी है। ओपीडी 3000 के पास पहुंच रही है तो भर्ती मरीजों की संख्या 350 को पार कर रही है। जबकि अस्पताल ही 300 बेड का है।
गलियारों में किया जा रहा है भर्ती
जिला अस्पताल के गलियारों और एक बेड पर दो मरीजों को भर्ती करने की स्थिति हो गई है। ओपीडी में पहुंचने वालों को भी भर्ती की सलाह दी जा रही है। वहीं इमरजेंसी में पहुंचने वालों मरीजों की संख्या भी काफी अधिक है।
बड़ों के साथ बच्चे भी बीमार ज्यादा
अस्पताल में बच्चों के वार्ड भी भरे हुए है। एमसीएच यूनिट में बीमार बच्चों से बेड भर चुके है। यहां पर भर्ती की जगह नहीं बची है। वहीं एनआइसीयू में भी बीमार बच्चे ज्यादा हो गए है। कोविड के दौरान कम बीमार पड़ रहे बच्चे अब अचानक से गंभीर स्थिति में ही अस्पताल पहुंच रहे हैं। परिजनों के साथ विशेषज्ञों के लिए भी बच्चों के अधिक बीमार होने से चिंता बढ़ रही है।
डॉक्टर की सलाह...
बाड़मेर के जिला अस्पताल के मेडिसिन विभाग के चिकित्सक डॉ. थानसिंह का ने बताया की मौसम को देखते हुए ठंडी चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए। खासकर बच्चों को मौसमी बीमारियों से बचाने के लिए बाहर का खाना और ठंडी चीजों से दूर रखें। साथ ही सेल्फ मेडिकेशन नहीं करें, दवा हमेशा चिकित्सक को दिखाकर ही लेनी चाहिए। चिकित्सक दवा आपका स्वास्थ्य जांचने के बाद देते हैं।