देसी बीज और जैविक खाद का कमाल, ग्यारह फीट का बाजरा

- चारणों की ढाणी बालेवा में तीस बीघा में बाजरे की फसल तैयार

- सामान्य से दोगुना ऊंचा बाजरा बना किसानों के लिए कौतुहल

By: Dilip dave

Published: 10 Sep 2020, 07:58 PM IST

-बाड़मेर. पीढि़यों से चल रहा देसी बीज और खेत में अपने आप मिल रही जैविक खाद के कमाल से जिले के चारणों की ढाणी बालेवा में दस-ग्यारह फीट लम्बा बाजरा पैदा हुआ है। अमूमन पांच-छह फीट का बाजरा होता है, लेकिन यहां एक खेत में इससे लगभग दोगुनी ऊंचाई में बाजरा लहलहा रहा है, वहीं इसका सिट्टा भी करीब पौने से एक फीट का है।

एेसे में आसपास के किसान भी देखने आ रहे हैं तो अगले बरस यहीं देसी बीज देने की मांग भी कर रहे हैं। जिले में खरीफ की बुवाई में जैविक खाद ही प्रयुक्त होती है। इतना ही नहीं हजारों हैक्टेयर भूमि तो बिना देसी खाद के भी बोई जाती है। बावजूद इसके बढि़या उपज पैदा होती है। एेसा ही एक उदाहरण चारणों की ढाणी बालेवा में मिला है, जहां एक किसान के खेत में करीब दस-ग्यारह फीट लम्बा बाजरा पैदा हुआ है। किसानों के अनुसार अमूमन बाजरे की ऊंचाई पांच-छह फीट ही होती है, लेकिन यहां आठ से ग्यारह फीट लम्बा बाजरा तैयार हुआ है। पीढि़यों से चल रहा बीज- किसान नरसिंगदान बारहठ के अनुसार वे अपने खेत में पीढि़यों से चल रहे देसी बीज का ही उपयोग करते हैं। यह बीज सहेज कर रखा हुआ है, जिसे इस बार बोया था।

उनके अनुसार तीस बीघा खेत में बाजरा बोया हुआ है, जो आठ से ग्यारह फीट लम्बा है। उन्होंने कोई खाद का प्रयोग नहीं किया। उन्होंने गायें पाल रखी है जो खेत में बैठती है, जिससे मिली गोबर खाद व खेजड़ी के पत्तों से अपने आप बनी खाद का कमाल है कि इतना लम्बा बाजरा हुआ है।

सिट्टा भी नौ से बारह इंच का- बाजरे की लम्बाई के साथ इसका सिट्टा भी लगभग पौने से एक फीट का है। यह बीज पहली बारिश में बोया था जो अब पक चुका है। वर्तमान में किसान परिवार सिट्टे तोड़ रहे हैं।

घर में देसी बीज पीढ़ी दर पीढ़ी का सहेजा हुआ है, उसी की बुवाई की थी। बरसाती पानी में ही फसल तैयार हुई है। खाद का प्रयोग नहीं किया। गायों के बैठने से खेत में गोबर की खाद मिश्रित हो गई थी वहीं, खेजड़ी के पत्ते झड़ कर भी खाद बने, जिसके कारण एेसा बाजरा पैदा हुआ है। बाजरा की लम्बाई आठ से ग्यारह फीट तक है तो सिट्टा भी नौ से बारह इंच तक का है। - नरसिंगदान बारहठ, चारणों की ढाणी बालेवा

बरसाती खाद गायों की खेजड़ी भी पत्ता धान छाया में बैठती है। देसी बीज से होता है- बाजरे की अमूमन ऊंचाई छह फीट तक होती है। देसी बीज के साथ जैविक खाद मिल जाती है तो चौदह फीट तक भी बाजरा तैयार हो जाता है।- डॉ. प्रदीप पगारिया, कृषि वैज्ञानिक केवीके गुड़ामालानी

Dilip dave Desk
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