बेसहारा पशुआें के चलते कई जने मौत के मुंह में समा गए तो कई चोटिल हुए। इसके चलते सालों से लोग शहर को बेसहारा पशुआें से मुक्त करने की मांग करते रहे हैं। यह बात नहीं है कि इसको लेकर प्रयास नहीं हुए। कुछ साल पहले तक शहर से बेआसरा पशुओं को पकड़ कर कांजी हाउस भेजा जाता था। इसके बाद एक बार पशुओं को पकड़ कर गुजरात भेजा गया, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ।