
फिर संक्रमण पर कैसे होगा काबू ! उपचार के लिए अस्पताल की ओपीडी में पहुंच रहे पॉजिटिव
बाड़मेर. कोविड संक्रमण अस्पताल से भी फैल रहा है। यहां पर ओपीडी में जांच करवाने वाले मरीज को कोविड टेस्ट की सलाह दी जाती है। जब मरीज जांच के बाद पॉजिटिव आता है तो उसके लिए अन्यत्र कहीं पर जांच की सुविधा नहीं होने पर वह उसी चिकित्सक के पास पॉजिटिव होने की स्थिति में पहुंच रहा है। यहां पर वह सामान्य मरीजों की लाइन में इंतजार करता है और अपना नंबर आने पर चिकित्सक को बताता है कि उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। यह सुनकर एक बार तो चिकित्सक भी अचंभित रह जाते हैं। लेकिन मरीज भी क्या करें, उनके लिए कोई अन्य स्थान पर जांच की सुविधा ही नहीं है। ऐसे में वह उसी चिकित्सक के पास कोविड के इलाज के लिए पहुंच रहा है।
ओपीडी में अन्य मरीजों को संक्रमण का खतरा
अस्पताल की ओपीडी में संक्रमित अपने इलाज के लिए आने के कारण अन्य सामान्य मरीजों के लिए खतरा बढ़ रहा है। इससे संक्रमण अन्य मरीजों में फैल सकता है। मरीजों की रोग प्रतिरोधक क्षमता वैसे भी कम होती है। वहीं संक्रमित मरीज लाइन में काफी देर तक अन्य के साथ खड़ा रहता है, इससे अन्य के संक्रमित होने का पूरा खतरा है।
अलग से जांच उपचार की नहीं सुविधा
अस्पताल में कोविड संक्रमितों आने के बाद उसकी जांच की सुविधा के लिए अलग से कोई स्थान नहीं बनाया गया है। ऐसे में संक्रमित सामान्य ओपीडी में चिकित्सकों के पास पहुंच जाता है और वहां बताता है कि वह पॉजिटिव आया है। ऐसे में आसपास खड़े अन्य मरीजों के खुद के संक्रमित होने की आशंका बढ़ जाती है। जिस तरह से संक्रमण तेजी से फैल रहा है। इसके चलते इस तरह की अव्यवस्था भी संक्रमण को और तेजी से बढ़ा सकती है।
पहली-दूसरी लहर में थी सख्ती
कोविड की पहली और दूसरी लहर में संक्रमित मरीजों की जांच के लिए प्रोटोकॉल लागू था और उसी अनुरूप उसकी चिकित्सा होती थी। उसे आइसोलेट रखा जाता था और सामान्य ओपीडी में जांच की बजाय उसके उपचार की अलग से व्यवस्था थी। मरीज से दूरी और संक्रमण से बचाव के उपाय किए जाते थे। लेकिन तीसरी लहर में जब संक्रमण सर्वाधिक तेजी से फैल रहा है, तब संक्रमित की जांच के लिए कहीं कोई अलग से व्यवस्था नहीं है। ऐसे में मजबूरी में पॉजिटिव मरीज को सामान्य ओपीडी में दिखाने के लिए पहुंचना पड़ रहा है।
Published on:
12 Jan 2022 09:22 pm
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