
एआई तस्वीर
बालोतरा। पचपदरा रिफाइनरी के संचालन के साथ ही सह-उत्पादित कारखानों की स्थापना और बालोतरा शहर सहित आसपास के गांवों के उपभोक्ताओं को बेहतर वोल्टेज बिजली उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने प्रयास तेज कर दिए हैं। इसे लेकर रीको औद्योगिक क्षेत्र पचपदरा और बोरावास के लिए 132-132 केवी क्षमता के विद्युत स्टेशनों का निर्माण कार्य युद्धस्तर पर जारी है।
करीब 104 करोड़ रुपए की लागत से तैयार होने वाले ये दोनों स्टेशन एक वर्ष में बनकर तैयार हो जाएंगे। इनके संचालन से हजारों उद्यमियों, शहरी और ग्रामीण उपभोक्ताओं को बेहतर वोल्टेज की बिजली मिल सकेगी। पचपदरा रिफाइनरी से जुड़े सह-उत्पादित उद्योगों की स्थापना के लिए सरकार ने बोरावास, थोब रामनगर सहित कई स्थानों पर औद्योगिक क्षेत्रों के लिए भूमि आवंटित की है।
इन क्षेत्रों को रीको द्वारा विकसित कर उद्यमियों को भूखंड आवंटित किए जाएंगे। उद्योगों की मांग और बालोतरा शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय से चली आ रही वोल्टेज समस्या को देखते हुए राजस्थान सरकार ने बोरावास और पचपदरा में 132-132 केवी के विद्युत स्टेशन स्वीकृत किए हैं।
विद्युत प्रसारण निगम के अनुसार बालोतरा 220 केवी ग्रिड स्टेशन से पचपदरा और समदड़ी क्षेत्र के लिए 132 केवी लाइन जाती है। लंबी दूरी और अधिक लोड के कारण उपभोक्ताओं को पर्याप्त वोल्टेज नहीं मिल पाता। रिफाइनरी से जुड़े उद्यमियों के साथ-साथ ग्रामीण और शहरी उपभोक्ताओं को बेहतर विद्युत आपूर्ति के उद्देश्य से बोरावास और पचपदरा में स्वीकृत 132 केवी स्टेशन पर क्रमशः 70 करोड़ और 34 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं।
बोरावास और पचपदरा के गोपड़ी मार्ग पर निर्माणाधीन इन स्टेशनों की चारदीवार का कार्य पूरा हो चुका है। यार्ड और कंट्रोल रूम का निर्माण कार्य प्रगति पर है। एक वर्ष में ये स्टेशन तैयार होकर संचालन शुरू करेंगे, जिससे हजारों उद्यमियों व उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी।
रिफाइनरी और बालोतरा के वस्त्र उद्योग लंबे समय से विद्युत तंत्र विकास की मांग कर रहे थे। नए 132 केवी स्टेशनों से उद्योगों को बल मिलेगा और बेहतर वोल्टेज से कामकाज में आसानी होगी।
- रुपचंद सालेचा, अध्यक्ष, सीईटीपी बालोतरा
बालोतरा के तेज विकास और पुराने विद्युत तंत्र के कारण आम उपभोक्ता परेशान है। नए स्टेशन हजारों लोगों के लिए राहत साबित होंगे, यह बहुत अच्छा निर्णय है।
- प्रभा सिंघवी, पूर्व नगर परिषद चेयरमैन
रिफाइनरी देश का बड़ा प्रोजेक्ट है। उसके संचालन से जुड़े उद्योगों, शहर और ग्रामीण क्षेत्रों को बेहतर विद्युत उपलब्ध कराने के लिए बोरावास और पचपदरा में 132 केवी स्टेशनों की स्वीकृति करवाई है। निर्माण कार्य की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है। समय पर तैयार होने से बड़ा लाभ मिलेगा।
- डॉ. अरुण चौधरी, विधायक पचपदरा
Published on:
08 Jan 2026 05:02 pm
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