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Rajasthan Refinery : एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड परियोजना की शुरुआत फिर टली, जानें क्या है नई डेट?

Rajasthan Refinery : बालोतरा जिले के पचपदरा स्थित एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड परियोजना की शुरुआत एक बार फिर टल गई है।
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बाड़मेर

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Sanjay Kumar Srivastava

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जयकुमार भाटी

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Updated: 3 Mar 2026, 10:10 AM IST

HPCL Rajasthan Refinery Limited project launch again postponed know what is new date

फोटो पत्रिका

Rajasthan Refinery : बालोतरा जिले के पचपदरा स्थित एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड परियोजना की शुरुआत एक बार फिर टल गई है। पहले अगस्त 2025 के बाद जनवरी 2026 में रिफाइनरी चालू करने के दावे किए गए थे, लेकिन अब इसकी संभावित शुरुआत मार्च 2026 तक खिसक गई है।

प्रदेश की सबसे बड़ी परियोजनाओं में शामिल पचपदरा रिफाइनरी को बालोतरा सहित पूरे पश्चिमी राजस्थान के औद्योगिक और आर्थिक विकास की धुरी माना जा रहा है। बालोतरा-पचपदरा से लेकर जोधपुर तक औद्योगिक विकास का खाका तैयार किया गया है, लेकिन परियोजना में देरी से निवेश, उद्योग और रोजगार की संभावनाएं अभी अधर में हैं। अब क्षेत्र के लोगों और निवेशकों की नजरें मार्च 2026 की संभावित शुरुआत पर टिकी हुई हैं।

उद्योग और रोजगार की उम्मीदें अधर में

रिफाइनरी को लेकर राज्य सरकार के ‘राइजिंग राजस्थान’ निवेश अभियान के दौरान हजारों करोड़ रुपए के निवेश प्रस्तावों पर एमओयू हस्ताक्षर किए गए थे। इन प्रस्तावों के तहत क्षेत्र में औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन की बड़ी उम्मीद जगी थी, लेकिन परियोजना में लगातार हो रही देरी के कारण ये प्रस्ताव फिलहाल कागजों तक ही सीमित रह गए हैं।

रिफाइनरी के साथ ही प्रस्तावित विशाल पेट्रोकेमिकल जोन में 500 से अधिक उद्योग स्थापित होने की संभावना जताई गई थी, जिससे करीब 20 से 25 हजार नए रोजगार सृजित होने की उम्मीद थी। आईटीआई, पॉलिटेक्निक और इंजीनियरिंग जैसे तकनीकी कोर्स करने वाले छात्र इसे बड़े अवसर के रूप में देख रहे थे, लेकिन परियोजना की टाइमलाइन बार-बार बदलने से निवेशकों और युवाओं की उम्मीदों को झटका लगा है।

औद्योगिक विकास की गति थमी

पचपदरा रिफाइनरी के पास प्रस्तावित पेट्रोकेमिकल हब पश्चिमी राजस्थान की आर्थिक तस्वीर बदलने की क्षमता रखता है। रिफाइनरी शुरू होने के बाद पेट्रोकेमिकल और प्लास्टिक आधारित उद्योगों को कच्चा माल स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकेगा। प्लास्टिक, फाइबर, पेंट, केमिकल्स, पैकेजिंग और फार्मा सहित कई क्षेत्रों में उद्योग स्थापित होने थे, लेकिन रिफाइनरी शुरू नहीं होने से निवेशकों को अभी और इंतजार करना पड़ रहा है।

जामनगर मॉडल से बदल सकती है तस्वीर

गुजरात के जामनगर में रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की ओर से 1999 में पहली और 2008 में दूसरी रिफाइनरी स्थापित होने के बाद आसपास स्पेशल इकोनॉमिक जोन विकसित किया गया। इसके परिणामस्वरूप पेट्रोकेमिकल, प्लास्टिक, लॉजिस्टिक्स और इंजीनियरिंग सहित कई सहायक उद्योग स्थापित हुए और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजित हुआ। इसी तरह का मॉडल पचपदरा रिफाइनरी के आसपास प्रस्तावित है, लेकिन देरी के कारण यह सपना अधूरा है।

निवेश हब बनने की क्षमता

बालोतरा सहित पश्चिमी राजस्थान में निवेश और रोजगार के बड़े अवसर मौजूद हैं, लेकिन सरकार यदि तय समय-सीमा में जल्द कार्य करें तो यहां एक प्रमुख नया निवेश हब बन सकता है।
रमेश जैन भाया, उद्यमी

औद्योगिक विकास को मिले गति

रिफाइनरी को लेकर एक टाइम निर्धारण होना चाहिए। इसके लिए विशेष आर्थिक क्षेत्र (सेज) का निर्माण किया जाए, ताकि उद्योगों को हर प्रकार की सुविधाएं मिलने के साथ ही औद्योगिक विकास को गति मिल सकें।
रूपचंद सालेचा, अध्यक्ष, सीईपीटी ट्रस्ट बालोतरा