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अधूरा छोड़ दिया स्कूल निर्माण का काम, ना विभाग जवाब दे रहा ना ठेकेदार

- आरसीसी के लिए लगे लोहे के सरिए खतरे को दे रहे न्यौता-अनहोनी की आशंका के बावजूद कोई नहीं दे रहा ध्यान
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बाड़मेर

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Mahendra Trivedi

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Updated: 21 Oct 2020, 9:47 PM IST

अधूरा छोड़ दिया स्कूल निर्माण का काम, ना विभाग जवाब दे रहा ना ठेकेदार

अधूरा छोड़ दिया स्कूल निर्माण का काम, ना विभाग जवाब दे रहा ना ठेकेदार

बाड़मेर .राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बालेरा में विद्यालय के भवन निर्माण का कार्य दो साल से अधूरा पड़ा है। यहां लोहे के सरिए लगाकर और आधी अधूरी दीवारें बनाकर छोड़े कार्य को लेकर प्रधानाचार्य व ग्रामीणों की ओर से विभाग व ठेकेदार को कई बार अवगत करवाए जाने के बावजूद ध्यान नहीं दिया जा रहा है। अधूरे भवन में लगे लोहे के सरिए हादसे को न्यौता दे रहे है वहीं करीब 44.97 लाख का कार्य बाकी होने पर भी विभाग सुध नहीं ले रहा है।
समग्र शिक्षा अभियान के तहत यहां 44.97 लाख के कार्य की स्वीकृति की गई। जिसकी वित्तीय सीमा 65025 लाख निर्धारित करते हुए 31 दिसंबर 2018 को काम प्रारंभ किया गया और 30 सितंबर 2019 तक पूरा करना था। संबंधित ठेकेदार ने कार्य प्रारंभ तो कर दिया लेकिन दो माह बाद अधूरा छोड़ दिया और फिर विद्यालय का रुख नहीं किया।
प्रधानाचार्य ने कई पत्र लिखे
प्रधानाचार्य ने ठेकेदार को नोटिस जारी करते हुए कई बार पत्र भी लिखे तो इधर विभाग को भी बार-बार अवगत करवाया लेकिन उसने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया है। ठेकेदार की ओर से नोटिस का जवाब भी संस्था प्रधान के पास नहीं पहुंचा है।
खतरा न बन जाए
भवन में दस से पंद्रह फीट के लोहे के सरिए खड़े किए हुए है। ये सरिए खंभों पर सीधे खड़े है। किसी के भी चपेट में आने से खतरा बना हुआ है। नीवें और आधी अधूरी बनी दीवारें भी गिरने की स्थिति में है। ऐसे में ग्रामीणों ने भी ऐतराज किया है कि अधूरा भवन खतरा बन सकता है।
पूरी नहीं हुई विद्यार्थियों की आस
विद्यालय में भवन की कमी पर यह विशेष स्वीकृति ग्रामीणों ने कई प्रयास के बाद करवाई थी। अब उनको यह अधूरा भवन चिढ़ा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि जो भवन एक साल पहले ही बन जाना चाहिए था उसके लिए अब तक चक्कर काट रहे है। विधायक व अन्य जनप्रतिनिधियों की ओर से किए गए प्रयास के बावजूद विभाग व ठेकेदार की लापरवाही से विद्यालय भवन से वंचित है।
नोटिस जारी किया है
दो बार ठेकेदार को नोटिस जारी कर दिया गया है। भवन निर्माण का कार्य अभी अधूरा है। भवन निर्माण पूरा होना जरूरी है।
- जितेन्द्र जोशी, प्रधानाचार्य राउमावि बालेरा बाड़मेर