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बाड़मेर विधायक मेवाराम जैन सहित 58 जनों के खिलाफ मंगलवार को शहर कोतवाली थाने में धोखाधड़ी के दो मामले दर्ज हुए। इन दोनों मामलों में वर्ष 1999 से 2004 तक नगरपालिका बाड़मेर में कार्यरत रहे 16 अधिकारी व कर्मचारी आरोपित हैं। इसके अलावा 41 पट्टा लाभार्थी है। इन दोनों मामलों की जांच सीआईडी सीबी करेगी क्योंकि मामलों में वर्तमान बाड़मेर विधायक मेवाराम जैन आरोपित है।
सांसद ने की थी शिकायत
बाड़मेर सांसद कर्नल सोनाराम चौधरी ने 12 सितम्बर 2015 को मुख्यमंत्री को शिकायत की थी कि वर्तमान बाड़मेर विधायक मेवाराम जैन ने नगरपालिका अध्यक्ष रहते हुए तत्कालीन अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ मिलकर नियम विरुद्ध पट्टे जारी किए, नगरपरिषद को लाखों रुपए का नुकसान पहुंचाया, इस संबंध में ऑडिट पैरा बना, मामला हाईकोर्ट गया, जिस पर कोर्ट ने लाभार्थियों से राशि वसूल करने को कहा। लेकिन उसकी पालना नहीं हुई। उन्होंने जांच व कार्रवाई की मांग की।
जांच में 139 पट्टे नियमविरुद्ध
दो महीने पहले स्वायत शासन निकाय जयपुर से आई जांच टीम ने वर्ष 1999 से 2004 में विधायक मेवाराम जैन के कार्यकाल में जारी हुई पट्टा पत्रावलियों की जांच की, जिसमें 139 पट्टे नियमविरु द्ध जारी होना पाया गया। जांच टीम की इस रिपोर्ट के आधार पर उच्चाधिकारियों के निर्देश पर नगरपरिषद आयुक्त श्रवणकुमार विश्नोई ने मंगलवार को शहर कोतवाली थाने में मामले दर्ज करवाए।
पूर्व में मिली थी क्लीनचिट
उक्त पट्टों को लेकर वर्ष 2003 में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो व शहर कोतवाली थाने में मामले दर्ज हुए थे, जिसमें किसी भी जनप्रतिनिधि, अधिकारी व कर्मचारी को दोषी नहीं माना गया। हाईकोर्ट में 2010 में जनहित याचिका दायर हुई, जो खारिज हो गई।
Published on:
09 Aug 2016 11:48 pm
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