
समाज ही क्षत्रिय युवक संघ का अधिष्ठान - रोलसाहबसर
बाड़मेर. गीता में वर्णित कर्म के पांच कारणों में पहला कारण अधिष्ठान है। अधिष्ठान का अर्थ होता है आधार। श्री क्षत्रिय युवक संघ के लिए समाज ही अधिष्ठान हैं अर्थात समाज हमारा आधार, हमारा कार्यक्षेत्र है। जिस समाज में हम कार्य करना चाहते हैं उसकी स्थिति क्या है उसे हमें जान लेना चाहिए। यदि कोई व्यक्ति, पशु अथवा समाज मृत हो तो वह कुछ भी नहीं कर सकता, उस पर किए गए सभी उपाय व्यर्थ जाएंगे, लेकिन यदि कोई समाज जीवित है तो उसमें कार्य करने का अर्थ बनता है। यह बात श्री क्षत्रिय युवक संघ के संरक्षक भगवानसिंह रोलसाहबसर ने शिविर के पांचवें दिन सोमवार को प्रभात संदेश में कही।
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उन्होंने कहा कि हमारे समाज की दशा और दिशा क्या है, उसकी व्याख्या क्षत्रिय युवक संघ की ओर से यहां शिविर में की जाती है। कुछ लोग कहते हैं कि इस समाज का कुछ नहीं हो सकता, वहीं कुछ लोग कहते हैं कि हम समाज का उत्थान कर रहे हैं। क्षत्रिय युवक संघ इन दोनों प्रकार की बातों से सहमत नहीं है। तनसिंह ने समाज को मां का स्थान दिया है और मां का उत्थान नहीं किया जाता वरन सेवा की जाती है और वह सेवा भी उपकार भाव से नहीं अपने दायित्व निर्वहन के भाव से की जाती है। शिविर में देश से 400 से अधिक शिविरार्थी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।
बालिका शिविर पहुंचे रोलसाहबसर
रोलसाहबसर सोमवार को चौहटन के विरात्रा में वाकल माता मंदिर परिसर में चल रहे बालिका उच्च प्रशिक्षण शिविर में पहुंचे तथा शिविरार्थी बालिकाओं से भेंट की। शिविर में राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, कर्नाटक आदि राज्यों की 170 बालिकाएं प्रशिक्षण ले रही हैं। वरिष्ठ स्वयंसेविका जागृति बा हरदासकाबास ने वरिष्ठ स्वयंसेवक जोरावर सिंह भादला के मार्गदर्शन में शिविर का संचालन किया जा रहा है।
Published on:
23 May 2022 08:08 pm
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