हर माह लेना पड़ रहा है 25 हजार का कर्जा
भानाराम की 80 वर्षीय मां पथराई आंखों से अपने बेटे को देखती है। भानाराम की पत्नी रामू देवी ने बताया कि परिवार में बूढ़ी मां, एक 12 वर्षीय बेटा व तीन छोटी बेटियां है। ऐसे में अब आमदनी का कोई जरिया नहीं है। पति के इलाज के लिए बचत की राशि व सारे जेवरात भी बेच दिए। थोड़ी बहुत खेती व भेड़ बकरियां पालकर बड़ी मुश्किल से गुजारा होता था, लेकिन अब प्रति माह 25 से 30 हजार का कर्जा लेकर सप्ताह में दो बार डायलिसस करवाया जा रहा है।