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बिरसा मुंडा ने आदिवासियों के अधिकारों के लिए संघर्ष किया

चौहटन उपखंड मुख्यालय पर राजकीय जनजातीय बालिका छात्रावास में रविवार को खेताराम एवं भील समाज के जिला प्रवक्ता शंकरलाल दहिया के सान्निध्य में बिरसा मुंडा की जयंती मनाई गई। जयंती कार्यक्रम में वन विभाग के सेवानिवृत्त अधिकारी खेताराम भील ने कहा कि बिरसा मुंडा ने भारत की आजादी के आंदोलन में महत्वपूर्ण योगदान देते हुए अंग्रेजों के विरुद्ध आदिवासी विद्रोह का नेतृत्व किया था।

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जनजातीय बालिका छात्रावास में बिरसा मुंडा की जयंती मनाई

चौहटन उपखंड मुख्यालय पर राजकीय जनजातीय बालिका छात्रावास में रविवार को खेताराम एवं भील समाज के जिला प्रवक्ता शंकरलाल दहिया के सान्निध्य में बिरसा मुंडा की जयंती मनाई गई। जयंती कार्यक्रम में वन विभाग के सेवानिवृत्त अधिकारी खेताराम भील ने कहा कि बिरसा मुंडा ने भारत की आजादी के आंदोलन में महत्वपूर्ण योगदान देते हुए अंग्रेजों के विरुद्ध आदिवासी विद्रोह का नेतृत्व किया था। जिला प्रवक्ता शंकरलाल दहिया ने कहा कि वीर शिरोमणि बिरसा मुंडा ने आदिवासियों के अधिकारों के लिए संघर्ष किया था, हमें उनके संघर्षों की गाथाओं से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ने की जरूरत है।

युवा पीढ़ी बिरसा मुंडा के जीवन से प्रेरणा लें

भील समाज छात्रावास के अधीक्षक अमराराम ने कहा कि मात्र 25 साल की उम्र में बिरसा मुंडा ने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ बिगुल बजाते हुए अंग्रेजों की नकेल कसी। उन्होंने युवा पीढ़ी को बिरसा मुंडा के जीवन से प्रेरणा लेकर राष्ट्र सर्वोपरि की परिकल्पना को साकार करने का आह्वान किया। ग्राम विकास अधिकारी छुगाराम भील, अमोलखराम सोमानी ने भी विचार व्यक्त किए। लूणाराम, जामारामबुरान का तला, कमलाराम आकोड़ा, शैतानाराम लिडियाला, भागचंद मीणा, कमलाराम ढोक, खेताराम ढोक, जयराम, चेनाराम पाला, नाथूराम, राजाराम, शेराराम, नरेश सहित कई जनों ने सहयोग प्रदान किया।

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