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अस्पताल की इस लापरवाही से खून खराब होने का खतरा

लापरवाही पड़ सकती है भारी-ब्लड बैंक में चार में से तीन फ्रिज खराब, कक्ष का वातानुकूलित सिस्टम भी मौन

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bhawani singh

Feb 26, 2017

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जिले की सबसे बड़ी एक मात्र ब्लड बैंक पर सुविधाओं व सुरक्षा के अभाव में खतरा मंडरा रहा है। राजकीय चिकित्सालय स्थित ब्लड बैंक में संग्रहित 82 यूनिट ब्लड महज एक डीप फ्रिज के भरोसे चल रहा है। रक्त संग्रहण को लेकर नियमानुसार आवश्यक व्यवस्थाओं को लेकर चिकित्सालय प्रबंधन गंभीर नहीं है। यहां पर वर्षो से खराब मशीनों व रक्त संग्रहण को लेकर चिकित्साधिकारियों व कार्मिकों की ओर से कोताही बरती जा रही है। चिकित्सालय में मेडिकल कॉलेज को लेकर जहां बड़ा निर्माण कार्य किया जा रहा है। वहीं राजकीय चिकित्सालय में बाधित होने वाली विद्युत आपूर्ति व नियत तापमान नहीं मिलने पर एक बार फिर खून खराब होने का अंदेशा गहराता जा रहा है।

चार में से तीन फ्रिज खराब

रक्त संग्रहण के लिए बैंक में चार में से तीन फ्रिज खराब है। एक फ्रिज लम्बे समय से रिफ्रेश हॉल में कबाड़ में है। वहीं रक्त संग्रहण कक्ष में एक फ्रिज लम्बे समय से खराब पड़ा है। वर्ष 2015 में इस रक्त बैंक में 92 यूनिट रक्त खराब होने के बाद राजवेस्ट पॉवर लिमिटेड ने वर्ष 2016 में दो उच्च क्षमता व तकनीक के दो डीप फ्रिज उपलब्ध करवाए गए। वर्तमान में इनमें से एक फ्रिज खराब होने से यहंा पर संग्रहित होने वाले ब्लड को एक फ्रिज में रखा जा रहा है।

वातानुकूलित सिस्टम खराब

राजकीय चिकित्सालय के ब्लड बैंक के रक्त संग्रहण कक्ष में वातानुकूलित सिस्टम भी कई दिनों से खराब पड़ा है। यहां की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने को लेकर प्रबंधन उदासीन नजर आ रहा है।

गलती के बाद भी नहीं ले रहे सबक

जून 2015 से अगस्त 2015 तक तीन माह में इस रक्त बैंक में वोल्टेज में उतार चढाव, एसी की गड़बड़ी और ब्लड स्टोरेज फ्रिज में खराबी से 97 यूनिट ब्लड खराब हो गया था। कार्मिकों की लापरवाही से इस हिमोलाइज और एक्सपायर्ड होने वाले रक्त को बहा कर निस्तारित किया गया। इस दौरान यह ब्लड चढाने से कई मरीजों की तबीयत बिगड़ गई थी। पत्रिका ने लगातार समाचारर प्रकाशित कर इस बड़े मामले का खुलासा किया था। एक बार फिर गर्मी की दस्तक देने से पूर्व ब्लड बैंक की व्यवस्थाओं को लेकर प्रबंधन कोई सबक नहीं ले रहा है।

आपात स्थितियों में रहती है जरूरत

जिले में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को देखते हुए जिला अस्पताल में क्षमता के अनुसार रक्त होना आवश्यक है। जिले के शिव, गडरा, चौहटन, बायतु, सिवाना, सिणधरी व धोरीमन्ना में दुर्घटना या हादसे के समय अधिकांश मरीजों को राजकीय चिकित्सालय ही लाया जाता है। राजकीय चिकित्सालय सहित संचालित निजी चिकित्सालयों में प्रतिदिन होने वाले प्रसव व ऑपरेशन के दौरान रक्त की आवश्यकता पडऩे पर बैंक में क्षमता के अनुरुप ब्लड का संग्रहण जरूरी है।

23 फीसदी रक्त की उपलब्धता

राजकीय चिकित्सालय स्थित ब्लड बैंक में क्षमता का महज 23 फीसदी रक्त की उपलब्धता है। 350 यूनिट क्षमता के ब्लड बैंक में शनिवार को महज 82 यूनिट ब्लड ही उपलब्ध था। जिनमें से ए पॉजिटिव-28, बी पॉजिटिव -14, एबी पॉजिटिव 4, ओ पॉजिटिव-22, ए नेगेटिव -1, बी नेगेटिव -1, एबी नेगेटिव -4, ओ नेगेटिव - 8 यूनिट ब्लड उपलब्ध है।

पार्ट्स मंगवाए हैं

रक्त बैंक में एक खराब फ्रिज वारंटी समय में है जो संबधित कम्पनी के मैकेनिक ही ठीक करेंगे। दो अन्य खराब फ्रिज के लिए पार्ट्स मंगवाए है। संभवत: अगले सप्ताह तक दुरुस्त कर लिए जाएंगे।-पंकज सिंह, बायो मेडिकल इंजीनियर

प्रभारी से बात करता हूं

रक्त बैंक में खराब फ्रिज को लेकर प्रभारी से बात करता हूं। खराब फ्रिज को जल्दी ठीक करवाया जाएगा।-डॉ. देवेन्द्र भाटिया, प्रमुख चिकित्साधिकारी, राजकीय चिकित्सालय बाड़मेर