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लूणी के लिए तिलवाड़ा में पंचामृत से डाली कार

मैं लूणी नदी हूं...
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बाड़मेर

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Dileep Kumar Dave

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Updated: 29 Apr 2021, 12:22 AM IST

लूणी के लिए तिलवाड़ा में पंचामृत से डाली कार

लूणी के लिए तिलवाड़ा में पंचामृत से डाली कार

जसोल . मैं लूणी हंू.... । मेरी आवाज जो कल तक दबी हुई थी, लेकिन अब लोगों के जागरूक होने पर शासन व प्रशासन तक पहुंच रही है। लोग अब मेरा दर्दं समझने लगे हैं ओर मेरी रक्षा के लिए आगे आने लगे हैं। तिलवाड़ा मेरा वो गांव है जहां देश विख्यात पशुमेला मल्लीनाथ तिलवाड़ा भरता है। देश, प्रदेश के कोने कोने से हजारों पशु, पशुपालक व व्यापारी पहुंचते हैं। यहां मेरे बहने से गेहूं निपजते थे और सब्जियां होती थी। प्रदूषण की पीड़ा यहां पहुंची तो लील गया। बजरी माफिया यहां आज भी मेरी कोख को काट रहा है। कोई कहने-सुनने वाला नहीं है। प्रशासन की आंखों पर पर्दा है।
मेरी आवाज सामने आने के बाद अब ग्रामीण पाप-पुण्य को लेकर नदी पर कार डालने लगे है। बुधवार को तिलवाड़ा में भरडक़ोट महंत सेवानाथ, पूर्व सरपंच शोभसिंह महेचा के नेतृत्व में ग्रामीणों ने दूध,दही, घी,शहद व शक्कर से पंचामृत तैयार कर लूनी नदी में इसकी कार दी।

इस परम्परा के अनुसार अब लूनी नदी में अवैध अतिक्रमण करने, अवैध खनन करने व प्रदूषित पानी डालने वालों को पाप लगेगा। महंत सेवानाथ व शोभसिंह ने कहा कि इस गांव का इतिहास बहुत ही प्राचीन व समृद्ध है। यहां मल्लीनाथ व धारू मेघवाल का मंदिर है।

हजारों हजारों लोगों की इससे आस्था जुड़ी हुई है। बुधवार को पंचामृत की कार डाली गई। नदी में अब जो भी अवैध काम करेगा, उसे मांजीसा व मल्लीनाथजी की सौंगध है। अवैध काम करने पर वह व्यक्ति पाप का भागीदार होगा।
शोभसिंह ने बताया कि ओरण-गोचर, नदी संरक्षण कार्य करना गांव की पुरानी संस्कृति रही है। नई पीढ़ी को संस्कृति से अवगत करवाने के लिए यह कार्य किया गया।

इस अवसर पर महंत धर्मगिरी, महंत लहरगिरी मठ समदड़ी रोड़ बालोतरा, ग्राम सेवा सहकारी समिति सह व्यवस्थापक तिलवाड़ा जोरसिंह धांधल , पारस कुमार, श्रवण माली, गंगासिंह , श्रवण दवे , भंवर सिंह दहिया तिलवाड़ा, युवा उद्यमी रामदेवासी आदि मौजूद थे। इन्होंने लूनी नदी बचाने का संकल्प लिया।