कोरोना के बीच अच्छे जमाने ने किसानों के चेहरों पर खुशियां लाई थी, लेकिन अब बदले मौसम ने थोड़ी चिंता बढ़ाई है। पिछले तीन-चार दिन से मौसम ने पलटी खाई है। एेसे में बादल बन और बिगड़ रहे हैं। बनते बादलों ने किसानों की चिंता को बढ़ाया है, क्योंकि खेत में पकी और आधी कच्ची फसलों को नुकसान की आशंका बन गई है। गौरतलब है कि अधिकांश किसानों ने अगस्त में बुवाई की थी, जिनमें से काफी फसल अभी भी आठ-दस दिन बाद पकनी है। किसान इंतजार कर रहे थे कि तेज धूप पड़ेगी तो बढि़या उपज होगी। इतने दिन तक तो सही चला लेकिन अब मौसम बदलने पर इन फसलों पर बारिश के छींटे पड़ते ही खराब होने की आशंका सता रही है। तिल को ज्यादा नुकसान, मूंग पड़ जाएंगे काले-किसानों के अनुसार तिल की फसल को बारिश से ज्यादा नुकसान हो सकता है। बारिश के चलते सूखी फसल से तिल जमीन पर गिर जाएंगे, जिसके बाद किसानों को एक दाना भी नहीं मिलेगा। वहीं, मूंग पर बारिश के छींटे गिरने से काला पडऩे की आशंका रहेगी।