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भवानीसिंह राठौड़@बाड़मेर. चुनावी साल में राज्य सरकार किसानों के 50 हजार रुपए तक के कर्ज माफ कर वाहवाही लूट रही है, लेकिन कर्ज माफी की घोषणा महज दिखावा बन गई है। किसानों को प्रमाण-पत्र के अलावा कुछ भी नहीं मिला है। ऐसे में किसान माफ हुई राशि के लिए बैंक के चक्कर काट रहे हैं।
जिले में करीब दो लाख किसानों को 400 करोड़ रुपए के ऋण माफी करने के प्र्रमाण पत्र बांट दिए गए हैं लेकिन हकीकत में सरकार ने किसानों के खातों में माफ हुई राशि जमा नहीं करवाई है। दी बाड़मेर सेंट्रल को-ऑपरेटिव के जिम्मेदार अधिकारी दबी जुबान में स्वीकार कर रहे हैं कि सरकार ने पैसा दिया नहीं है। किसानों के खाते में क्या जमा करें? हालांकि कुछ सोसायटी ने ऋण माफी की राशि को सरकार के नामे लिख कर किसानों के खाते में जमा किया है।
पत्रिका पड़ताल में किसानों के कर्ज माफी को लेकर सच सामने आया है। यहां को-ऑपरेटिव सोसायटी की ओर से किसानों को कर्ज माफी की बात कही जा रही है। किसानों को दिए गए ऋण की राशि को पूरा वसूला गया है। यहां माफी को लेकर महज प्रमाण पत्र के अलावा कुछ भी नहीं मिला।
नहीं भरा तो नहीं मिलेगा ऋण
जिले में कई किसानों ने प्रमाण पत्र के आधार पर माफ हुई राशि को ऋण राशि से कम करते हुए बैंक खाते में जमा करवा दिया। लेकिन हकीकत यह है कि जिन किसानों ने ऋण राशि पूरी नहीं जमा करवाई है उन्हें ऋण नहीं दिया जा रहा है।
जनप्रतिनिधि भी हुए शामिल
जिले में प्रशासन की ओर से शिविर आयोजित कर जनप्रतिनिधियों की ओर से किसानों को ऋण माफी के प्रमाण पत्र बांटे गए। लेकिन ये शिविर दिखावा ही साबित हुए।
फैक्ट फाइल
- 1 लाख 92 हजार किसान
- 400 करोड़ 15 लाख रुपए के बांटे ऋण माफी प्रमाण-पत्र
केस 1 - दरुड़ा निवासी एक किसान ने 20 हजार का ऋण लिया था। सरकार की योजना अनुसार उसके 20 हजार माफ हो गए। लेकिन उसके खाते में 20 हजार रुपए राशि जमा नहीं हुई।
केस 2 - सनावड़ा निवासी एक किसान ने 50 हजार रुपए का ऋण लिया, उसने वापस जमा करवा दिया। लेकिन माफ राशि जमा होने का इंतजार है। किसान बैंक के चक्कर लगा रहा है।
- रुपए मार्च तक जमा हो जाएंगे
किसानों के खाते में रुपए जमा नहीं हुए हैं। लेकिन किसान बकाया ऋण से माफ हुआ पैसा काट कर जमा करवा सकते हैं। रुपए मार्च तक जमा हो जाएंगे।- दीपाराम, ऋण पर्यवक्षेक दी बाड़मेर सेंट्रल को-ऑपरेटिव बाड़मेर
- मुझे कुछ पता नहीं
किसानों के खाते में पैसे कब जमा होंगे। यह मुझे जानकारी नहीं है। आप एमडी से बात कीजिए। -हरीराम पूनिया, अधिशासी अधिकारी, दी बाड़मेर सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक
Published on:
28 Jul 2018 11:28 am
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