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भीषण गर्मी में सूखे कंठ, मीलों सफर की मजबूरी

- जलापूर्ति नहीं होने से बिगड़े हालात...- महंगे दामों पर भी समय पर नहीं मिल रहा पानी - लिफ्ट पेयजल परियोजना के क्लोजर से उत्पन्न हुई विकट समस्या

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Deteriorating situation, water supply

Deteriorating situation due to not having water supply

शिव .सीमावर्ती शिव क्षेत्र में इन दिनों पेयजल के लिए त्राहि-त्राहि मची हुई है। आमजन के साथ पशुधन को भी प्यास बुझाने के लिए दर-दर की ठोकरें खानी पड़ रही है। शिव क्षेत्र के राष्ट्रीय राजमार्ग के सटे अधिकांश गांव लिफ्ट पेयजल परियोजना से जुड़े हुए हैं। इनमें पिछले एक माह से क्लोजर के कारण पेयजल आपूर्ति ठप है। इस वजह से ग्रामीणों को भीषण गर्मी में विकट परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है। कई लोग महंगे दामों पर टैंकर मंगवा रहे हैं, लेकिन वह भी समय पर नहीं पहुंच रहे। ऐसे में पानी के लिए क्षेत्र में वही पुराने हालात लौट आए हैं।

इन गांवों में गंभीर समस्या
शिव, अंबाबाड़ी, डाऊवाणी कुमावतों की ढाणी, लालसों की ढाणी, बीसूकला, बचवाणियों की ढाणी, बलाई, गूंगा, चक गूंगा, भूराणियों की ढाणी, रावताणियों की ढाणी, उमाणियों की ढाणी, भैरूपुरा, भैंसका, जस्से का गांव, रावत का गांव, हाथीसिंह का गांव, रामपुरा, जालेला, कोटड़ा, राणेजी की बस्ती, तालों का पार, तालों का गांव, हुकमसिंह की ढाणी, आगोरिया, निंबासर, जोरानाडा, हाजी साकर की ढाणी सहित दर्जनों गांव-ढाणियों में पेयजल संकट है।

एकाएक बढ़ गए टैंकर के भाव
नहर में क्लोजर के बाद ट्रैक्टर टंकी डलवाने के लिए एक सप्ताह पूर्व ट्रैक्टर वाले को कहने के बाद भी पानी नहीं पहुंच रहा। ट्रैक्टर-टंकी वालों ने मौके का फायदा उठाते हुए दाम भी बढ़ा दिए हैं। पहले जहां एक टंकी के 500 रुपए लेते थे, अब कीमत 800 से 1000 रुपए कर दी है। इसके लिए भी एडवांस बुकिंग करानी जरूरी हो गई है।

विभाग ने नहीं दिया ध्यान
क्षेत्र में लिफ्ट पेयजल परियोजना से जलापूर्ति होने के बाद जलदाय विभाग के पुराने जलस्रोत निंबला व झांफली कला आदि नलकूपों की ओर ध्यान नहीं देने से क्षेत्र में पेयजल की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है। यदि समय रहते इन जलस्रोतों को चालू किया जाता तो कुछ हद तक समस्या से निजात मिल सकती थी।

हो रहे परेशान

गांव में वर्षों पूर्व जलदाय विभाग ने हौदी बनाई थी, लेकिन पेयजल आपूर्ति नहीं होने के कारण दर-दर की ठोकरें खानी पड़ रही है। हौदी भी जर्जर हो गई है।
रूपनाथ जोगी, चक गूंगा

मीलों का सफर
हाजी साकर की ढाणी के नजदीक जलदाय विभाग का कोई जल स्रोत नहीं होने के कारण मीलों का सफर तय कर देवका तालाब से पीने का पानी लाना पड़ रहा है। वर्तमान में तालाबों का पानी भी सूखने के कगार पर है।

उर्षा खान, राजडाल
एक सप्ताह पहले बुकिंग जरूरी

क्षेत्र में पेयजल की गंभीर समस्या है। पानी की टंकी डलवाने के लिए ट्रैक्टर वालों को एक सप्ताह पूर्व राशि देने पर ही टंकी पहुंचती हैं। दरें भी बढ़ा दी है।
हीरानाथ स्वामी, शिव

अभी से यह हाल
क्षेत्र में पेयजल की विकट समस्या उत्पन्न हो गई है। अभी गर्मी का मौसम शुरू ही हुआ है। ऐसे में आगामी समय में जलदाय विभाग व सरकार को पेयजल के पुख्ता प्रबंध करने होंगे।

गंगासिंह राठौड़, पूर्व प्रधान शिव
4-5 घंटे ही मिल रहा पानी

नहर में क्लोजर के दौरान 24 घंटों के मुकाबले मात्र चार-पांच घंटे कम दबाव से आपूर्ति हो रही है। इस कारण प्रत्येक गांव-ढाणी तक जलापूर्ति नहीं हो पा रही।
भूराराम धणदे, कनिष्ठ अभियंता, जलदाय विभाग शिव

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