
Drinking water Problem in border villages
बाड़मेर. सीमावर्ती गडरारोड़ तहसील के हरसाणी क्षेत्र के दर्जनों गांवों में गहराए पेयजल संकट के कारण ग्रामीणों का बेहाल हो रहा है। क्षेत्र के जानसिंह की बेरी सहित कई गांवों में लंबे समय से जलापूर्ति बंद पड़ी है। यहां विधायक कोष से स्वीकृत पेयजल लाइन कागजों में बिछा दी गई है, जबकि धरातल पर कोई पाइप लाइन नहीं है। हालांकि विभाग का दावा है कि जल्द टेण्डर जारी कर पानी पहुंचाया जाएगा।
हरसाणी क्षेत्र में भीषण गर्मियां शुरू होते ही पेयजल संकट गहरा गया है। यहां गांवों में सरकार ने लाखों रुपए खर्च कर पेयजल स्त्रोत जीएलआर का निर्माण तो करवा दिया, लेकिन यह स्त्रोत सूखे पड़े है और सरकारी पानी बंद हुए कई साल बीत गए है। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोनाकाल में संकट से जुझ रहे ग्रामीणों को रोजगार के साथ-साथ बूंद-बूंद पानी के लिए भटकना पड़ रहा है।
गांव तक पेयजल लाइन स्वीकृत
ग्रामीण बताते है कि हरसाणी क्षेत्र के सोलकियां तला से जानसिंह की बेरी तक करीब दस किमी तत्कालीन विधायक निधि से पाइप लाइन स्वीकृत की गई थी, लेकिन जिम्मेदार जलदाय विभाग के अधिकारियों की अनदेखी के चलते यह लाइन आधी-अधूरा कार्य कर छोड़ दिया, ऐसे में गांव तक पानी नहीं पहुंच चुका है।
यह गांव प्रभावित
क्षेत्र के सोलकियां बस्ती, ताणु मानजी, जानसिंह की बेरी, दुधोड़ा, मिरवाणी सहित कई गांव पेयजल संकट से जुझ रहे है। साथ ही इन गांवों में हजारों पशुधन पानी के लिए तरस रहा है, लेकिन दूर तक कोई मददगार नजर नहीं आ रहा है।
- गंभीर संकट है
हरसाणी क्षेत्र के कई गांवों में पेयजल को लेकर गंभीर संकट है। विभाग के अधिकारियों को अवगत करवा दिया है, लेकिन दूर तक कोई मददगार नजर नहीं आ रहा है। पशुधन के साथ ग्रामीणों की स्थिति बेहाल है। सरकार जल्द से जल्द पेयजल संकट से निजात दिलाए। - देवीसिंह भाटी, ताणु
- इसका जल्द समाधान करेंगे
पेयजल संकट को लेकर यह प्रकरण मेरे संज्ञान में आया है। पूर्व में पाइप लाइन स्वीकृत को लेकर टेण्डर निरस्त होने की जानकारी है। इसकी फाइल दिखवाकर ग्रामीणों को राहत प्रदान करवाई जाएगी। - सोनाराम, अधिशाषी अभियंता, जलदाय विभाग
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Published on:
28 May 2021 08:50 pm
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