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गडरारोड/बाड़मेर. जिले के गडरारोड में स्थानीय जलदाय विभाग परिसर में लगा बिजली का मीटर जलने के बाद जिम्मेदारों ने उसे सीधा ही जोड़ दिया। इसको लेकर राजस्थान पत्रिका में समाचार प्रकाशित होने के बाद डिस्कॉम ने मीटर तो लगा दिया, लेकिन मैन स्विच बोर्ड अब भी वैसे ही खुला पड़ा है। ऐसे में इसे बंद-चालू करने के दौरान कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
जिम्मेदार बने थे लापरवाह
जिम्मेदारों ने इसे बदलने को लेकर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है। गौरतलब है कि यह मैन स्विच लोहे के बोर्ड पर तथा खुले में होने के कारण बारिश के मौसम में खतरा कई गुणा बढ़ जाता है। इसको लेकर जलदाय कर्मी कई बार अधिकारियों को बता चुके हैं, लेकिन कोई ध्यान नहीं दे रहा है। मुख्य द्वार पर दरवाजा नहीं होने से कई बार बच्चे और पशु अन्दर तक पहुंच जाते हैं। इससे कभी भी हादसा हो सकता है। इस विषय में कनिष्ठ अभियंता से बात की तो उन्होंने कुछ भी बताने से इंकार कर दिया।
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गडरारोड . क्षेत्र के कई गांवों में मंगलवार को डिस्कॉम ने चार घंटे बिजली कटौती की सूचना देकर पूरे दिन की बिजली काट दी। इससे कई कारोबार ठप हो गए। वहीं घरों, बैंकों व अन्य संस्थानों में इनवर्टर जवाब दे जाने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। क्षेत्र के गडरारोड, हरसाणी, रामसर, मुनाबाव में डिस्कॉम ने चार घंटे बिजली कटौती की सूचना दी। वहीं इन गांवों में शाम पांच बजे तक बिजली की आपूर्ति नहीं हो पाई। ऐसे में कस्बे में सिलाई मशीन, ई-मित्र, आरा मशीन, वेल्डिंग कारोबार दिनभर बंद हो गए। सबसे ज्यादा परेशानी ग्रामीण क्षेत्र से बैंक आए लोगों को हुई। उनके काम नहीं नहीं होने से अब फिर गोते लगाने होंगे। खरीफ ऋण के लिए सुबह से लाइन मे लगे किसानों को दोपहर 12 बजे तक इंतजार के बाद बैरंग लौटना पड़ा।
कई गांवों में बिजली का अब भी इंतजार
बाड़मेर . राज्य सरकार भले ही हर घर को विद्युत से जोडऩे की दावे कर रही हो, लेकिन जिले के कई गांवों में स्थिति इसके उलटी है। बायतु उपखण्ड के ऐसे कई हैं जहां के वांशिदों को पिछले कई वर्षों से विद्युत कनेक्शन का इंतजार हैं। ग्रामीणों ने ग्रुप कनेक्शन की फाइले भी सम्बन्धित सहायक अभियंता कार्यालय में जमा करवा दी, लेकिन इन पर आज दिन कार्रवाई नही होने से ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा हैं।
कई बीपीएल भी वंचित
पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के समय राजीव गांधी बीपीएल विद्युतीकरण योजना चलाई गई। इस दौरान कई बीपीएल परिवारों को इससे वंचित कर दिया गया। वहीं वर्तमान सरकार की ओर से दीनदयाल विद्युतिकरण योजना चलाई जा रही है। इसमें भी अब तक उन परिवारों को कनेक्शन नहीं मिल पाया है। बायतु के खरंटिया गांव में अभी तक एक पोल तक खड़ा नहीं हो पाया हैं। ग्रामीण थानाराम मूढ़ण ने बताया कि कनेक्शन के लिए उन्होंने डिमाण्ड राशि भी जमा करवा दी, लेकिन विभाग ने अभी तक कोई पहल नही की है। इसको लेकर विधायक को भी अवगत करवाया, लेकिन किसी ने पैरवी नही की।
Published on:
04 Jul 2018 12:01 pm
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