6 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

icon

प्रोफाइल

कही चक्काजाम, कही हड़ताल तो कही बहिष्कार, जय हो सरकार की, कई सरकारी कार्यालय हुए सूने, काम अटके

-कार्यालय हो गए सूने, काम अटके - मंत्रालयिक कार्मचारियों की हड़ताल, जयपुर में महापड़ाव

2 min read
Google source verification
Employees Strike, Off Office

Employees Strike, Off Office

कार्यालय हो गए सूने, काम अटके

मंत्रालयिक कार्मचारियों की हड़ताल, जयपुर में महापड़ाव

बाड़मेर. मंत्रालयिक कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से कई सरकारी कार्यालय सूने हो गए हैं। ऐसे में यहां होने वाले लोगों के काम-काज अटक जाने से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

जिला प्रशासन, चिकित्सा, पुलिस अधीक्षक, सार्वजनिक निर्माण विभाग, शिक्षा विभाग माध्यमिक, प्रारम्भिक, जलदाय, महिला एवं बाल विकास सहित अन्य विभागों के कर्मचारी सामूहिक अवकाश पर हैं। इसके चलते शिक्षा विभाग में बोर्ड परीक्षा के आवेदन, जन्मतिथि व नाम परिवर्तन, कार्मिकों के वेतन बिल, सहित कई कार्य प्रभावित हो रहे हैं।

शिक्षा विभागीय कर्मचारी संघ प्रदेश उपाध्यक्ष व जिलाध्यक्ष पीराराम शर्मा ने बताया कि अपनी मांगों को लेकर बाबू जयपुर में लगातार 9वें दिन आंदोलन रहे। मंत्रालयिक कर्मचारी बाबूलाल संखलेचा ने कहा कि आचार संहिता लगने से पहले बाबूओं की मांगों पर शीघ्र कार्रवाई होनी चाहिए।

और इधर...

चक्काजाम के 12 दिन पूरे, रोडवेज के पहियों में लगने लगा जंग

बाड़मेर. राजस्थान रोडवेज संयुक्त मोर्चा कर्मचारियों की विभिन्न मांगों को लेकर चल रही हड़ताल व चक्काजाम शुक्रवार को जारी रहा। रोडवेज चक्काजाम जाम 12वें दिन जारी रहने से सवा करोड़ से अधिक का नुकसान बाड़मेर डिपो को हो चुका है। वहीं हड़ताल लम्बी चलने से यात्रियों की परेशानियां भी बढ़ती जा रही हैं।

रोडवेज बस स्टैंड के चक्कर लगा मायूस होकर निजी बस स्टैंड की ओर जाना यात्रियों की मजबूरी हो गया है। एटक जिलाध्यक्ष रूगाराम धतरवाल ने बताया कि सरकार कर्मचारियों की मांगों को नजर अंदाज कर रही है। रोडवेज बस स्टैंड के चक्कर लगा मायूस होकर निजी बस स्टैंड की ओर जाना यात्रियों की मजबूरी हो गया है। एटक जिलाध्यक्ष रूगाराम धतरवाल ने बताया कि सरकार कर्मचारियों की मांगों को नजर अंदाज कर रही है।

यात्री परेशान हो रहे हैं। कर्मचारी यात्रियों की पीड़ा को समझ रहे हैं लेकिन मजबूर हैं। धरना स्थल पर शौकत अली, अणदाराम, नारणाराम, अकबर खां, बागसिंह, नेणाराम, खींयाराम, जगदीश बैरड़, प्रमोद, गणपत, मोहम्मद मंजूर कुरैशी आदि मौजूद रहे।


बड़ी खबरें

View All

बाड़मेर

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग