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बाड़मेर। गुड़ामालानी थाना क्षेत्र के खारवा (भाखरपुरा) गांव में एक परिवार को समाज से बहिष्कृत किए जाने के मामले में अब दुबारा जांच होगी। पीड़िता का आरोप है कि पंचों ने हुक्का-पानी बंद कर 30 लाख रुपए नकद जुर्माना देने का दबाव बनाया और परिवार को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। सामाजिक बहिष्कार के चलते पीड़िता की पढ़ाई और उसके पिता का काम दोनों छूट गए। मामले की जांच अब एएसपी नितेश आर्य कर रहे हैं।
गुड़ामालानी थाने में पीड़िता रमिलाकुमारी पुत्री गजाराम निवासी खारवा (भाखरपुरा) ने तीन माह पूर्व रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। रिपोर्ट में बताया गया कि वह अभी पढ़ाई कर रही है और आगे भी पढ़कर नौकरी पाना चाहती है। पीड़िता ने आरोप लगाया कि उसके दादा ने मात्र 10 वर्ष की उम्र में बिना उसकी सहमति और उम्र का ध्यान रखे, उससे 15 वर्ष बड़े युवक कृष्णकुमार पुत्र उकाराम निवासी उंदरी के साथ पुराना रिश्ता जोड़ने का दबाव बनाया।
विरोध करने पर समाज के पंच उकाराम, वालाराम, भूराराम निवासी नई ऊदरी, गेनाराम निवासी भेडाणा, शंकराराम निवासी गोलिया कल्ला, अचनाराम निवासी उंदरी, आंबाराम निवासी जालीखेड़ा सहित कुल 19 लोगों ने उसके पूरे परिवार को समाज से बहिष्कृत कर दिया। लड़की के पिता गजाराम का कहना है कि मेरी बेटी की पढ़ाई छूट गई और परिवार की हालत खराब हो गई है। ये लोग पहले भी कई परिवारों के साथ ऐसा कर चुके हैं।
समाज के पंचों ने पूरे परिवार को बहिष्कृत कर दिया। मैं बारहवीं के बाद बीए कर रही हूं और नीट की तैयारी भी कर रही थी, लेकिन मानसिक दबाव के कारण पढ़ाई प्रभावित हो गई। पंचों ने धमकी दी कि बाहर निकले तो उठा लेंगे।
रमिलाकुमारी, पीड़िता
एसपी के निर्देश पर यह मामला मुझे सौंपा गया है। फाइल प्राप्त हो चुकी है। सभी साक्ष्यों और सबूतों के आधार पर निष्पक्ष जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
नितेश आर्य, एएसपी, बाड़मेर
Published on:
07 Jan 2026 02:35 pm
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