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पच्चीस गांवों के बीच बढ़ी दूरियां, ओवरब्रिज ना अंडरब्रिज, कैसे करें आवाजाही

तिलवाड़ा-गोल के बीच बीस किमी तक आरओबी या आरयूबी नहीं होने से दिक्कत - ग्रामीणों- को चक्कर काट करनी पड़ती है दूरी तय

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पच्चीस गांवों के बीच बढ़ी दूरियां,  ओवरब्रिज ना अंडरब्रिज, कैसे करें आवाजाही

पच्चीस गांवों के बीच बढ़ी दूरियां, ओवरब्रिज ना अंडरब्रिज, कैसे करें आवाजाही

बालोतरा. गोल व तिलवाड़ा रेलवे स्टेशन के बीच रेलवे ट्रेक पर ना तो कोई अंडरब्रिज है और ना ही ओवरब्रिज। एेसे में दोनों गांवों सहित आसपास के बीच-पच्चीस गांव वालों को हर दिन लम्बी दूरी तय कर रेलवे ट्रेक पार करना होता है। एक-डेढ़ किमी की दूरी के बावजूद कम से कम बीस-पच्चीस किमी घूमने पर आवाजाही हो पाती है। यह समस्या लम्बे समय से हैं, लोग बीस किमी की दूरी में एक ओवर या अंडरब्रिज की मांग कर रहे हैं, लेकिन इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा।
गोल व तिलवाड़ा रेलवे स्टेशन के बीच रेलवे फाटक, अंडरब्रिज या मानव रहित रेलवे समपार नही होने से 20-25 राजस्व गांवों के ग्रामीणों को लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। ग्रामीणों को एक तरफ से दूसरी तरफ जाने के लिए 20 किलोमीटर का चक्कर काट या तो तिलवाड़ा गांव आना पड़ता है या फिर गोल स्टेशन जाकर वापस आना पड़ता है। ग्रामीणों को रेलवे ट्रेक के दूसरी तरफ स्थित रिश्तेदारों, परिवार सदस्यों के घर जाने, कृषि कार्य के लिए खेत में जाने के लिए भी लंबा चक्कर काटना पड़ता है। इस समस्या से 20-25 गांवों के हजारों लोग प्रभावित है। इन्होंने कई बार जनप्रतिनिधियों को भी अवगत करवाया, लेकिन समस्या का किसी भी स्तर पर समाधान नही हुआ।

आमान परिवर्तन से पहले था समपार- जोधपुर- बाड़मेर रेलखंड का करीब 18 साल पहले आमान परिवर्तन हुआ था। आमान परिवर्तन से पहले सोढ़ों की ढ़ाणी के पास ग्रामीणों की सुविधा के लिए रेलवे समपार था। मीटर गेज से ब्रॉडगेज का आमान परिवर्तन के बाद यहां पर न तो रेलवे फाटक स्वीकृत किया और न ही रेलवे अंडरब्रिज बनाया।

इन गांवों के हजारों लोग प्रभावित- सोढ़ों की ढ़ाणी, गोल सोढ़ा, रूपादेवी, मेकरणा, वजावास, भीमरलाई गांव, बागुंडी, मलवा, गूगड़ी, खारापार, दानाणियो की ढाणी, खारकी की ढ़ाणी, दूदवा, तिलवाड़ा गांव, नौसर समेत दो दर्जन से अधिक गांवों के लोग प्रभावित है।
काटना पड़ता लम्बा चक्कर- सोढ़ों की ढ़ाणी के पास मीटर गेज के समय ग्रामीणों के आवागमन के लिए समपार था। ब्रॉडगेज के बाद उसे बंद कर दिया। इससे आवागमन को लेकर लंबा चक्कर काटना पड़ता है। - चतरसिंह सोढ़ा, ग्रामीण सोढ़ों की ढ़ाणी

ग्रामीण हो रहे परेशान- गोल व तिलवाड़ा स्टेशन के बीच 20 किमी. की दूरी में कोई रेलवे फाटक या अंडरब्रिज नही है। इससे दर्जनों गांवों के हजारों लोगों को परेशानी होती है। जनप्रतिनिधियों को कई बार अवगत करवाया। - चौखाराम मेघवाल, सरपंच गोल

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