
For a few rupees Consumers forced to roam ATM
बालोतरा.शहर में अधिकांश एटीएम खराब होने का खामियाजा बैंक उपभोक्ताओं को हर दिन सहना पड़ रहा है। चंद रुपए की निकासी को लेकर एक एटीएम से दूसरे और दूसरे से तीसरे तक जाने की मजबूरी के चलते वे झुंझला कर रह जाते हैं। यह समस्या लम्बे समय से होने के बावजूद बैंक प्रबंधक है कि इस ओर ध्यान ही नहीं दे रहे।
बैकिंग उपभोक्ताओं को बेहतर सुविधा उपलब्ध करवाने को लेकर शहर में संचालित विभिन्न बैंकों ने एटीएम लगा रखी है। इसके पीछे बैंकों की मंशा जरूरत के अनुसार उपभोक्ताओं को चंद सैकेंड में रुपए निकलाने की सहुलियत के साथ बैंको ंकी लाइन में लगने से छुटकारा दिलाना है, लेकिन यह सुविधा अब दुविधा बन कर रह गई है। क्योंकि अधिकांश एटीएम खाली ही रहते हैं। इससे हर दिन उपभोक्ताओं को परेशानी उठानी पड़ती है।
यह हो रही परेशानी - शहर के प्रमुख मार्गों, बाजारों में लगी एटीएम में कई परेशानियां हो रही हैं। एटीएम में कार्ड स्वेप नहीं होना, उपयोग पर कार्ड फंस जाना, मशीन में रुपए नहीं होने आदि को लेकर हर दिन उपभोक्ताओं को परेशानी उठानी पड़ती है। इस पर रुपयों की निकासी के लिए उपभोक्ता को कई एटीएम पर जाना पड़ता है, तब कहीं उन्हें रुपए मिलते हैं। कई बार तो कोशिश के बाद रुपए नहीं मिलते। एेसे में उन्हें निराश ही लौटना पड़ता है। एक से दूसरे एटीएम की अधिक दूरी पर व्यर्थ में समय की बर्बादी के साथ उपभोक्ताओं को मानसिक परेशानी होती है।
परेशानी होती है-
कई एटीएम कियोस्क के प्रयोग पर आखिकर एक में से रुपयों की निकासी हुई। एटीएम को ढूंढऩे में सिर चकरा गया तो दौड़ भाग में सांस ही फूल गई। बहुत परेशानी उठानी पड़ी। - पियुष सलुन्दिया
खराब ही रहती है मशीन- एटीएम की मशीन खराब रहती है। कम दिन ही इसमें से रुपयों की निकासी होती है। पूरे दिन उपभोक्ताओं के सवालों का जबाब देते-देते थक जाता हंू। - उदाराम प्रजापत, व्यापारी
चक्कर काटने को मजबूर- शनिवार को बंद बंैक पर एटीएम पहुंचा। तीन बार कार्ड स्वेप किया, रुपए नहीं निकले। कई एटीएम के चक्कर काटने पर रुपए मिले। इस पर बहुत परेशानी उठानी पड़ी। - रमेश जोशी
Published on:
10 Dec 2017 02:41 pm
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