
Haat market of 15 lakh, unsuitable for 08 years
- ग्राम पंचायत नहीं ले रही सुध, विभाग भी नहीं दे रहा ध्यान
रामसर. राज्य स रकार की ओर से ग्रामीण व कस्बों के युवाओं को रोजगार देने के उद्देश्य से रामसर में करीब आठ साल पहले 15 लाख रुपए खर्च कर बनाया गया हाट बाजार अनुपयोगी साबित हो रहा है। अदूरदर्शिता और संचालन अरुचि के चलते हाट बाजार में किसी बेरोजगार युवा ने दिलचस्पी नहीं ली। अधिकारी व जनप्रतिनिधि सरकारी राशि को व्यय करने के बाद इसकी फिक्र ही नहीं कर रहे है।
ग्रामीण स्वरोजगार योजना के तहत 2009-10 में रामसर कस्बे में युवाओं को रेाजगार उपलब्ध करवाने के लिए हाट बाजार का निर्माण किया गया। करीब एक दर्जन दुकानों के इस बाजार में युवाओं को रोजगार मिलने के साथ ही कस्बे में बेतरतीब बढ़ रहे ठेलों की जगह एक व्यवस्थित बाजार बनाने की भी मंशा रही।
ग्राम पंचायत ने राशि तो खर्च कर ली लेकिन इसका निर्माण कस्बे के एकांत में किया गया। योजना थी कि बस स्टेण्ड को यहां लाया जाएगा ताकि यहां लोगों की आवक जावक हो जाएगी और कस्बा भी आगे विकसित होगा लेकिन इस ओर ध्यान नहीं दिया गया। बाजार निर्माण के बाद से दुकानों के ताले लगे हुए है। आठ साल में अब दुकानें भी जर्जर होने लगी है।
अवांछित तत्वों का अड्डा-
यहां पास में ही एक टांका बना हुआ है और खुले में स्थान है। एेसे में यहां पर शराबी जमा हो जाते है। इसके रखरखाव का लेकर ग्राम पंचायत और पंचायत समिति स्तर पर कोई प्रयास नहीं हो रहे है।
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ज्ञापन सौंप स्थायी करवाने की मांग
गडरारोड. ग्राम पंचायत सहायक संघ ब्लॉक गडरारोड के ग्राम पंचायत सहायक व वंचित विद्यार्थी मित्रो ने विधायक मानवेंद्रसिंह को ज्ञापन सौंपा। ब्लॉक अध्यक्ष बिलालखां ने बताया कि ज्ञापन में वंचित विद्यार्थी मित्रों को नियुक्ति देने व ग्राम पंचायत सहायकों को स्थायी करने की मांग की। प्रतिनिधि मण्डल में प्रभुसिंह, अर्जुनराम, खंगारराम, नरेंद्र,लूणसिंह, स्वरूपसिंह, शंकरलाल, गेनाराम, मानाराम शामिल थे।
Published on:
31 Jul 2018 06:29 pm

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